हिमालयी क्षेत्र में भूकंप के तेज झटकों का सिनेमैटिक दृश्य, PC- @Chatgpt
Earthquake News: देश के हिमालयी बेल्ट में भूगर्भीय हलचलें अचानक तेज हो गई हैं, जिससे उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक डर का माहौल बन गया है. मंगलवार देर रात उत्तराखंड के चमोली को केंद्र बनाकर आए भूकंप के झटकों से पूरी केदारघाटी, पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर की धरती कांप उठी.
अभी लोग इस खौफ से उबरे भी नहीं थे कि आधी रात के बाद पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश (Earthquake in Arunachal) के वेस्ट कामेंग में भी तेज झटके महसूस किए गए.
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार रात 10:23 बजे उत्तराखंड के चमोली में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई. इसका केंद्र जोशीमठ से 50 किलोमीटर दक्षिण में जमीन से 13 किलोमीटर गहराई में था.
बता दें मध्यम श्रेणी का यह भूकंप इतना असरदार था कि पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, हरिद्वार और उधम सिंह नगर से लेकर दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तक बहुमंजिला इमारतों में झूलते पंखे और कांपती खिड़कियों को देखकर लोग घबराकर सड़कों पर आ गए.
चमोली के झटकों के कुछ ही घंटों बाद पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश के कामेंग क्षेत्र में तड़के 2:22 बजे 3.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसका केंद्र धरती से केवल 5 किलोमीटर की कम गहराई पर था. कम गहराई होने के कारण झटके बेहद झटकेदार महसूस हुए और सोते हुए लोगों की नींद उड़ गई.
हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी भी क्षेत्र से किसी बड़ी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है.
भू-वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड का चमोली और जोशीमठ इलाका देश के अति-संवेदनशील ‘सिस्मिक जोन-4’ और ‘जोन-5’ के अंतर्गत आता है. यह पूरा क्षेत्र पहले से ही भू-धंसाव (Land Subsidence) की चपेट में रहा है. भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने से उत्पन्न हो रहा दबाव (Tectonic Stress) हिमालयी बेल्ट में लगातार ऐसे झटके दे रहा है. 13 किमी जैसी कम गहराई पर आने वाले भूकंप दूर-दराज के मैदानी इलाकों तक ऊर्जा फैलाते हैं, जो किसी बड़े भूगर्भीय बदलाव का संकेत भी हो सकता है.
लगातार दो अलग-अलग राज्यों में आए इन झटकों के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और स्थानीय प्रशासन सतर्क मोड पर हैं. पर्वतीय जिलों में आपातकालीन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. विशेषज्ञों ने स्थानीय निवासियों और मैदानी इलाकों के लोगों को सलाह दी है कि रात में किसी भी इमरजेंसी के लिए पैनिक न फैलाएं और इमारतों से निकलते समय लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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