प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने हाल ही में आत्महत्या की धमकी दी है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर कहा कि अगर उन्होंने आत्महत्या की, तो इसके लिए कुछ खास लोग जिम्मेदार होंगे. हर्षा का कहना है कि वे अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ रही हैं और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.
मंगलवार शाम को हर्षा ने इंस्टाग्राम पर 2 मिनट 13 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में उन्होंने कहा कि उन्होंने महाकुंभ के दौरान यह संकल्प लिया था कि वे हिंदुत्व के लिए कार्य करेंगी और युवाओं को जागरूक करेंगी. लेकिन कुछ लोग उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं और उनका रास्ता रोक रहे हैं.
हर्षा ने यह भी बताया कि उनके पुराने वीडियो वायरल किए जा रहे हैं और कुछ लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कभी खुद को साध्वी नहीं कहा, बल्कि वे सिर्फ आध्यात्मिक जीवन अपना रही हैं.
हर्षा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ फेक वीडियो बनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 दिनों से कई एडिटेड वीडियो वायरल किए जा रहे हैं. उन्हें हर दिन 25-30 संदेश मिल रहे हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि उनकी बदनामी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि वे अपने संकल्प पर अडिग हैं और सनातन धर्म के लिए काम करती रहेंगी. साथ ही चेतावनी दी कि अगर कभी उनकी मौत की खबर आती है, तो वे उन लोगों के नाम छोड़कर जाएंगी, जिन्होंने उन्हें इस स्थिति तक पहुंचाया.
4 जनवरी को प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली थी. इस दौरान हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर बैठी नजर आईं. इसके बाद वे सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं. जब पत्रकारों ने उनसे साध्वी बनने पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि वे सुकून की तलाश में यह जीवन अपना रही हैं और अपनी पुरानी जिंदगी को पीछे छोड़ चुकी हैं. हालांकि, इसके बाद उन्हें ट्रोल किया जाने लगा और कुछ लोगों ने उन्हें ‘सुंदर साध्वी’ का नाम दे दिया.
पेशवाई में शामिल होने के बाद विवाद गहराने लगा. आनंद स्वरूप महाराज ने वीडियो जारी कर कहा कि किसी मॉडल को साधु-संतों के साथ रथ पर बैठाना गलत संदेश देता है. धर्म को प्रदर्शन का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए. इस विवाद के चलते 20 जनवरी को हर्षा ने कैलाशानंद महाराज का पंडाल छोड़ दिया और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी के संरक्षण में चली गईं. रविंद्र पुरी ने उन्हें अपनाया और चुनरी ओढ़ाकर उनका स्वागत किया.
हर्षा मूल रूप से भोपाल, मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं, लेकिन फिलहाल उत्तराखंड में रहती हैं. वे पीले वस्त्र पहनती हैं, रुद्राक्ष की माला धारण करती हैं और माथे पर तिलक लगाती हैं. इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. वे धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर पोस्ट शेयर करती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
दिल्ली में दशहरा 2026 पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच…
Delhi Yamuna Cleaning Plan: दिल्ली सरकार 9 हजार करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से साबरमती की…
Garba Molestation Case: नालासोपारा गरबा इवेंट के दौरान नाबालिग से छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया…
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी…
सोशल मीडिया पर दो बच्चों का बड़ी साइकिल चलाने का अनोखा देसी जुगाड़ वायरल हो…
Gold-Silver Price Today: दशहरे के दिन सोने और चांदी के बाजार में क्या रहे हाल?…