Helmet Man of India Honoured: एयर इंडिया की एक फ्लाइट में उस वक्त सभी यात्री अचंभित रह गए जब उन्होंने एक व्यक्ति को पूरे सफर के दौरान हेलमेट पहने देखा. यह कोई सनक नहीं, बल्कि एक मिशन था. यह यात्री कोई और नहीं, बल्कि ‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर राघवेंद्र कुमार थे. हैदराबाद से दिल्ली के इस सफर में एयर इंडिया ने उनकी समाज सेवा को पहचानते हुए उन्हें एक यादगार सरप्राइज दिया. फ्लाइट के क्रू ने सम्मान स्वरूप उन्हें इकोनॉमी क्लास से अपग्रेड करके बिजनेस क्लास में बैठाया.
वह (Raghvendra Kumar Helmet Man) पिछले कई वर्षों से भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैला रहे हैं और लोगों को मुफ्त हेलमेट बांटते हैं. उनके इसी जज्बे को सलाम करने के लिए एयर इंडिया की टीम ने आसमान में एक छोटी सी पार्टी आयोजित की. 35 हजार फीट की ऊंचाई पर केक काटा गया और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें एक भावुक पत्र सौंपा गया. यह घटना साबित करती है कि अगर आपके इरादे नेक हों, तो सम्मान जमीन ही नहीं, आसमान में भी मिलता है.
फ्लाइट में चढ़ते ही राघवेंद्र कुमार अपने चिर-परिचित अंदाज में हेलमेट पहने हुए थे. आम यात्रियों के लिए यह दृश्य कौतूहल का विषय था, लेकिन एयर इंडिया का स्टाफ उन्हें पहचान चुका था. सड़क सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए, एयरलाइन के कर्मचारियों ने उन्हें विशेष सम्मान देने का फैसला किया. कुछ ही देर में, एक क्रू मेंबर उनके पास आया और बड़े आदर के साथ उन्हें इकोनॉमी क्लास की भीड़भाड़ से निकालकर बिजनेस क्लास की आरामदायक सीट पर शिफ्ट कर दिया.
बिजनेस क्लास में बैठने के बाद असली सरप्राइज शुरू हुआ. एयर इंडिया की टीम ने राघवेंद्र कुमार के कार्यों को एक सेलिब्रेशन की तरह मनाया. 35 हजार फीट की ऊंचाई पर, बादलों के बीच केक काटा गया. स्टाफ ने उन्हें एक पत्र (Air India Latter To Helmet Man Raghavendra Kumar) सौंपा, जिसमें उनके द्वारा बचाई गई जानों और सड़क सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की गई थी. यह पहला मौका था जब जमीन पर लोगों की जान की परवाह करने वाले इस योद्धा का अभिनंदन आसमान में किया जा रहा था.
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इस अभूतपूर्व सम्मान से अभिभूत राघवेंद्र कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए इसे इंसानियत और अपनेपन से भरा पल बताया. उन्होंने कहा कि वे यह कहानी इसलिए साझा कर रहे हैं ताकि लोग जान सकें कि अच्छे काम कभी व्यर्थ नहीं जाते. राघवेंद्र ने कहा, “यह सम्मान मुझे याद दिलाता है कि अच्छे कर्म सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं रहते, उनकी गूंज आसमान तक भी पहुंचती है.” बता दें कि राघवेंद्र अपने दोस्त की सड़क हादसे में मौत के बाद से हेलमेट बांटने का अभियान चला रहे हैं और अब तक हजारों हेलमेट मुफ्त बांट चुके हैं.
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