Hul Diwas Amit Shah Message: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में आज का दिन यानी 30 जून ‘हूल दिवस’ के रूप में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संथाल विद्रोह के अमर बलिदानियों और जनजातीय नायकों को याद करते हुए एक बेहद दमदार और बड़ा संदेश देश के सामने रखा है.
अमित शाह ने जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस महान जनआंदोलन को अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला देने वाला बताया. गृह मंत्री के इस बयान के बाद देश भर में संथाल क्रांति के महानायकों के शौर्य की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है.
जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी बलिदानियों को ‘हूल दिवस’ के अवसर पर स्मरण कर नमन करता हूँ।
जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मु, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के… pic.twitter.com/Wd7oMi8wQE
— Amit Shah (@AmitShah) June 30, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संथाल क्रांति के नायकों को याद करते हुए देश के नाम एक बेहद कड़क संदेश साझा किया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी बलिदानियों को वे ‘हूल दिवस’ के अवसर पर स्मरण कर नमन करते हैं.
अमित शाह ने आगे कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मु, चांद-भैरव और वीरांगनाओं फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के क्रूर शासन के विरुद्ध संघर्ष का ऐसा शंखनाद किया था, जिसने पराधीनता के विरुद्ध जन-जन में प्रतिरोध और स्वाभिमान की चेतना का संचार किया था.
अमित शाह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि 1855 में हुआ यह विद्रोह कोई सामान्य आंदोलन नहीं था, बल्कि यह भारत के आदिवासियों का अंग्रेजी राज के खिलाफ एक खुला और निर्णायक युद्ध था. अंग्रेजों के दमन और शोषण के खिलाफ जब सिदो-कान्हू ने ‘अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो’ का नारा बुलंद किया, तो हजारों जनजातीय भाई-बहन अपनी पारंपरिक कमान और तीरों के साथ मैदान में उतर आए थे. अमित शाह के अनुसार, इस ऐतिहासिक जनक्रांति ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई ऊर्जा और आक्रामक दिशा प्रदान की थी, जो आगे चलकर देश के अन्य स्वतंत्रता आंदोलनों के लिए भी प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बनी.
शिवराज सिंह चौहान का संदेश: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संथाल विद्रोह के अमर बलिदानियों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित सभी वीर-वीरांगनाओं के चरणों में कोटि-कोटि नमन किया. उन्होंने कहा कि इन वीरों की गौरव गाथा सदैव भावी पीढ़ियों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत देती रहेगी.
डॉक्टर मोहन यादव और हिमंत बिस्वा का नमन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपनी पोस्ट में कहा कि जनजातीय वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक हूल दिवस पर वे अमर शहीदों को नमन करते हैं. मां भारती के इन अमर सपूतों के बलिदान और त्याग के कर्ज से यह देश कभी भी मुक्त नहीं हो सकता.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
मैं प्रसिद्ध लेखक विनीत नायर की पुस्तक 'इंसान पहले, मशीन बाद में' की समीक्षा कर…
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अगले दो दशकों से अधिक समय…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 'एशियन गेम्स 2026' के भारतीय…
गृह सचिव द्वारा सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगने की मीडिया खबरों पर स्पष्टीकरण…
प्रो. हिमांशु राय और सुब्बू चिदंबरन की पुस्तक 'हिंदुइज्म बियॉन्ड हेडलाइन्स' का रिव्यू. वेदों, कर्म…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स…