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लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल: जानिए पीएम मोदी के ध्वजारोहण से लेकर 21 तोपों की सलामी तक का पूरा कार्यक्रम

देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबने वाला है. दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर होने वाला मुख्य समारोह हर साल की तरह इस बार भी पूरे अनुशासन और देशभक्ति के माहौल में आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और इसके बाद देश को संबोधित करेंगे. समारोह में सेना के तीनों अंगों के जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ के स्वयंसेवक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे.

अगर आप लाल किले पर होने वाले समारोह की टाइमिंग जानना चाहते हैं, तो यहां पूरा कार्यक्रम आसान भाषा में समझिए.

सुबह 6:50 बजे से शुरू होगी तैयारियां

सुबह 6:50 बजे गार्ड ऑफ ऑनर अपनी निर्धारित जगह पर पहुंचकर तैनात हो जाएगा. इसके कुछ ही मिनट बाद, 6:55 बजे, रक्षा सचिव लाल किले पहुंचेंगे.

6:56 से 7:00 बजे के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) एन.एस. राजसुब्रमनी थलसेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचेंगे. इसके बाद 7:05 बजे रक्षा राज्य मंत्री और 7:11 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लाल किले पहुंचेंगे.

7:18 बजे लाल किला पहुंचेंगे पीएम मोदी

सुबह 7:18 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले के ऐतिहासिक लाहौरी गेट पर पहुंचेंगे. रक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे और प्राचीर की ओर बढ़ेंगे. ठीक सुबह 7:30 बजे स्वतंत्रता दिवस समारोह का सबसे अहम क्षण आएगा. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे. ध्वजारोहण के साथ ही राष्ट्रगान होगा और भारतीय सेना की ओर से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी.

इस बार 21 तोपों की सलामी के लिए स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया जाएगा. यह सलामी 1721 फील्ड बैटरी की ओर से दी जाएगी. सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत के हाथों में होगी, जबकि गन पोजिशन ऑफिसर की जिम्मेदारी नायब सूबेदार अनुथोष सरकार संभालेंगे.

तिरंगे के साथ दिखेगा ‘वंदे मातरम्’ का रंग

ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान प्रधानमंत्री की सहायता करेंगी. तिरंगा फहराए जाने के बाद राष्ट्रीय सलामी दी जाएगी. इसके बाद थलसेना का बैंड ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाएगा. समारोह में मौजूद लोग भी राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन करेंगे. थलसेना के बैंड का संचालन सूबेदार ईश्वर सिंह करेंगे.

इसी दौरान भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलिकॉप्टर लाल किले के ऊपर से फूलों की बारिश करेंगे. खास बात यह होगी कि एक हेलिकॉप्टर पर राष्ट्रीय ध्वज होगा, जबकि दूसरा ‘वंदे मातरम्’ प्रदर्शित करने वाला ध्वज लेकर उड़ान भरेगा. इन हेलिकॉप्टरों की कमान विंग कमांडर रजत और स्क्वाड्रन लीडर अंकित वर्ष्णेय संभालेंगे.

फूलों की बारिश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे. उनके भाषण के बाद एनसीसी कैडेट्स और ‘माय भारत’ के वॉलंटियर्स मिलकर ‘वंदे मातरम्’ का गायन करेंगे. इसके बाद एक बार फिर राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ होगा.

समारोह में करीब 2,500 बच्चे और युवा होंगे शामिल

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 2,500 लड़के और लड़कियां हिस्सा लेंगे. इनमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के एनसीसी कैडेट्स के अलावा ‘माय भारत’ के वॉलंटियर्स भी शामिल होंगे. इन सभी प्रतिभागियों के बैठने की व्यवस्था लाल किले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर की जाएगी. समारोह को खास रूप देने के लिए एनसीसी कैडेट्स और वॉलंटियर्स मिलकर ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम्’ का आकार भी बनाएंगे.

इसके अलावा ज्ञानपथ पर ‘विकसित भारत @2047’ थीम से जुड़ा व्यू कटर लगाया जाएगा. इस बार का समारोह केवल परंपरा और देशभक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें देश के भविष्य से जुड़ी थीम को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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