Indian ship cross strait of hormuz
Indian ship cross strait of hormuz/केएम शर्मा: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और हाली में हुए शांती समझौते (US Iran Deal) के बाद भारत के लिए एक राहत की खबर सामने आई है. यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और सल्फर की महत्वपूर्ण खेप लेकर चार कार्गो जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार कर चुके हैं. ये जहाज अब कृष्णपट्टनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, जहाजों के भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचते ही माल को प्राथमिकता के आधार पर उतारा जाएगा, ताकि देश के उर्वरक भंडार को और मजबूत किया जा सके तथा खरीफ सीजन की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है. हाल के दिनों में इस क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं जताई जा रही थीं. ऐसे में इन चार जहाजों का सुरक्षित रूप से होर्मुज पार करना भारत की खाद आपूर्ति व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और कृषि गतिविधियों पर किसी संभावित आपूर्ति संकट का असर नहीं पड़ेगा.
22 जून 2026 तक भारत में कुल उर्वरक भंडार 196.08 लाख टन पहुंच गया है. यह पिछले वर्ष इसी अवधि में उपलब्ध 168.67 लाख टन स्टॉक की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है.
वर्तमान उर्वरक भंडार में शामिल हैं:
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार ने संभावित वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों को देखते हुए पर्याप्त बफर स्टॉक तैयार किया हुआ है.
1 मार्च 2026 से 21 जून 2026 के बीच देश में कृषि गतिविधियों में तेजी देखने को मिली है. इसी अवधि में कुल उर्वरक बिक्री बढ़कर 153.4 लाख टन पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह आंकड़ा 140.2 लाख टन था. यानी फर्टिलाइजर की मांग में 13.2 लाख टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
इस दौरान प्रमुख उर्वरकों की बिक्री इस प्रकार रही:
विशेषज्ञों के अनुसार, खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की मांग सबसे अधिक रहती है. ऐसे समय में आयातित उर्वरकों की नई खेप पहुंचने और देश में पहले से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने से किसानों को समय पर खाद मिलने की संभावना बढ़ेगी. इससे बुवाई और फसल उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत ने रणनीतिक समुद्री मार्गों के जरिए आवश्यक उर्वरकों की आपूर्ति बनाए रखी है. होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए इन चार जहाजो की खेप और मौजूदा मजबूत स्टॉक स्थिति यह संकेत देती है कि खरीफ 2026 के दौरान देश में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर फिलहाल कोई बड़ा संकट नजर नहीं आ रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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