भारत की सबसे बड़ी IndiGo Airline के उड़ानों में कई दिनों से परेशानियां चल रही है. कल यानी शुक्रवार को देश में इंडिगो की 550 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को रद्द किया गया. अब इंडिगो की सेवाओं में आने वाली बाधाओं की जांच के लिए भारत सरकार ने समिति का गठन किया है. इससे कारणों की पहचान कर जवाबदेही तय की जाएगी.
इस समस्या के चलते देशभर में भारी संख्या में उड़ाने रद्द हुई, यात्रियों को लंबे समय तक फ्लाइट्स का इंतजार करना पड़ रहा. इसके कारण एयरपोर्ट्स पर भारी भीड़ लग रही है. वहीं, घरेलू किरायों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली.
सिविल एविएशन मंत्री (MoCA) ने तुरंत कदम उठाते हुए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया हो और उड़ानों के लिए दिशानिर्देश जारी किए. साथ ही टेम्पररी रेगुलेटरी छूट प्रदान की है और जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक उपायों के लिए उच्च-स्तरीय जांच शुरू की है. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही व्यवस्थाएं स्थिर होना शुरू हो जाएगी.
बता दें कि जांच के लिए सरकार ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. इसमें संजय के. ब्रम्हणे (जॉइंट डायरेक्टर जनरल), अमित गुप्ता (डिप्टी डायरेक्टर जनरल), कैप्टन कपिल मंगलीक (SFOI)और कैप्टन लोकेश रामपाल (FOI)शामिल है.
ये समिति व्यवधान के कारणों की जांच करेगी, नए FDTL CAR 2024 के तहत मानव-संसाधन योजना और रोस्टरिंग की समीक्षा करेगी. साथ ही ये समिति, अनुपालन में आई कमियों को देखेगी और योजना संबंधी असफलताओं की जवाबदेही तय करेगी. समिति को पुनर्स्थापन उपायों की निगरानी कर 15 दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट DGCA को सौंपनी होगी.
सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिए हैं कि वे उड़ान सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करें और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो. उम्मीद है कि कल से शेड्यूल स्थिर होना शुरू हो जाएगा और तीन दिनों के भीतर सेवाएं पूरी तरह बहाल हो जाएंगी.
इसके साथ ही सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापू ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी दिक्कतों को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे.
जुलाई और नवंबर 2025 से चरणबद्ध तरीके से लागू हुए नए FDTL नियमों में पायलटों के आराम के समय को बढ़ाया गया और रात की ड्यूटी पर सीमाएं लागू की गई. बार-बार चेतावनी के बावजूद इंडिगो अपने रोस्टर और मानव-संसाधन योजना को समय पर संशोधित नहीं कर पाया, जिससे बड़े पैमाने पर देरी और रद्दीकरण हुए.
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कहा कि उड़ानों में गंभीर परेशानियां आई हैं और स्थिति ठीक होने में थोड़ा समय लगेगा. उन्होंने बताया कि 5 दिसंबर सबसे अधिक प्रभावित दिन था, जिसके कारण उस दिन 1000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. साथ ही में अपने यात्रियों से आई दिक्कतों के लिए माफी चाहता हुं.
DGCA द्वारा दी गई टेम्पररी FDTL छूट से उड़ाने स्थिर करने में मदद मिली है. CEO को उम्मीद है कि 10–15 दिसंबर के बीच उड़ान सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी.
बता दें कि उड़ानों में आई परेशानियों के कारण घरेलू फ्लाइट्स के किराए में बढ़ोतरी देखने को मिली है. दिल्ली-मुंबई का किराया ₹36,000, दिल्ली से चेन्नई तक का फेयर ₹69,000 और दिल्ली-बेंगलुरु का किराया ₹40,000 से भी अधिक हो गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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