आज पूरा देश और दुनिया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है. हर साल की तरह इस बार भी योग दिवस का रंग पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है, लेकिन इस साल मुख्य राष्ट्रीय समारोह का केंद्र बना पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक कोलकाता शहर. कोलकाता के मशहूर रेड रोड पर आज सुबह एक अद्भुत और विहंगम नजारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हजारों योग साधकों के बीच पहुंचे. सफेद पोशाक और केसरिया गमछे में सजे पीएम मोदी ने न केवल जनता को संबोधित किया, बल्कि खुद जमीन पर बैठकर आम लोगों के साथ योगासन किए.
इस भव्य और ऊर्जा से भरे कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने योग के महत्व और इस साल की विशेष थीम के बारे में खुलकर बात की.
From physical wellness to inner peace, yoga enriches every aspect of life. Delighted to join this year’s celebrations in Kolkata. https://t.co/75UZECw8JR
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘शारीरिक कल्याण से लेकर आंतरिक शांति तक, योग जीवन के हर पहलू को समृद्ध करता है. कोलकाता में इस वर्ष के समारोह में शामिल होने पर मुझे बेहद खुशी हो रही है.’
An exceptional Yoga Day programme was held at Kolkata’s Red Road this morning, in which people from all walks of life participated, giving an important message on the vitality of Yoga in everyone’s lives.
This time, the theme was ‘Yoga For Healthy Ageing’ which emphasised the… pic.twitter.com/XHd4pyK46f
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2026
पीएम मोदी ने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा कि आज सुबह कोलकाता के रेड रोड पर एक असाधारण योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जीवन के हर क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भाग लिया और हर किसी के जीवन में योग की महत्ता का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. इस बार का विषय ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ (Yoga For Healthy Ageing) था, जिसने फिट और स्वस्थ रहने के लिए सभी आयु वर्ग में योग के महत्व पर जोर दिया.’
दिवस की जो थीम रखी गई है-‘Yoga For Healthy Ageing’ (स्वस्थ आयु के लिए योग)- वह आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बेहद प्रासंगिक है. अमूमन लोग सोचते हैं कि बढ़ती उम्र या बुढ़ापे में योग की जरूरत होती है, लेकिन पीएम मोदी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने अपने संबोधन में भी इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ रहने का संकल्प 20 और 30 की उम्र से ही शुरू हो जाना चाहिए.
आज के दौर में जिस तरह कम उम्र में ही लोग तनाव, डायबिटीज, थायराइड और दिल की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, उसे देखते हुए योग एक सुरक्षा कवच की तरह है. नियमित योग और प्राणायाम करने से न सिर्फ शरीर लचीला बनता है, बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है.
कोलकाता के रेड रोड पर चारों तरफ केसरिया योग मैट बिछे नजर आए, जिसमें लगभग 35,000 से ज्यादा लोगों ने सीधे पीएम मोदी के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) के तहत योगासन किए. समाज के हर वर्ग, चाहे वो नामचीन हस्तियां हों, स्कूली बच्चे हों, गृहणियां हों या बुजुर्ग, सभी ने इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
-भारत एक्सप्रेस
मणिपुर यौन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और CBI को पीड़ित गवाहों…
भारत के लोकतंत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त का पद हमेशा से विशेष महत्व रखता रहा…
PM मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की एफआईआर रद्द करने…
Prayagraj Scooter Fire: प्रयागराज में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने कथित तौर…
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को ट्रायल जज के खिलाफ…
AAP नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा दर्ज आपराधिक मानहानि…