युवा कांग्रेस का प्रदर्शन
IYC Torch March: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर सियासत गरमा गई है. इस बार मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की पाबंदियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ा है. भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने इन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. रायसीना रोड स्थित IYC दफ्तर से जंतर-मंतर तक एक भव्य मशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए.
युवक कांग्रेस का यह पूरा मार्च “जंतर-मंतर वापस लाओ” के मुख्य नारे के इर्द-गिर्द घूमता नजर आया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐतिहासिक जंतर-मंतर को जिस तरह से बैरिकेड्स लगाकर और तमाम पाबंदियों के जरिए आम जनता और राजनीतिक दलों के लिए बंद किया जा रहा है, वह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है.
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने IYC को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ युवा कांग्रेस ने पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनका तर्क है कि शांतिपूर्ण सभाओं को नियंत्रित करने के नियमों का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि लोकतांत्रिक आवाज़ों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाए.
इस मशाल जुलूस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी हुई. युवा कांग्रेस के नेताओं ने मांग की कि मौजूदा हालात में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, इसलिए CEC को अपनी जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. कार्यकर्ताओं का कहना था कि जनता की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन और पुलिस का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे देश के युवा कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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जुलूस जब रायसीना रोड से आगे बढ़ा और जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगा, तो दिल्ली पुलिस ने पहले से ही कड़े इंतजाम कर रखे थे. पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग करके कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया, और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत तमाम कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए.
इस दौरान उदय भानु चिब ने साफ शब्दों में कहा कि जंतर-मंतर किसी सरकार या पुलिस की बपौती नहीं है, बल्कि यह देश के आम नागरिकों का हक है. उन्होंने दो टूक कहा कि लोकतंत्र कभी भी पुलिस के बैरिकेड्स और पाबंदियों के पीछे जिंदा नहीं रह सकता. बहरहाल, इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राजधानी में अभिव्यक्ति की आजादी और विरोध प्रदर्शन के अधिकारों पर बड़ी बहस छेड़ दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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