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क्या आप जलेबी का हिंदी नाम जानते हैं? 99 प्रतिशत लोग हो जाएंगे फेल

जलेबी एक ऐसी मिठाई है जिसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. चाहे त्योहार हो, शादी-ब्याह या सुबह का नाश्ता जलेबी हर मौके को खास बना देती है. इसकी कुरकुरी बाहरी परत और अंदर भरा मीठा रस इसे बाकी मिठाइयों से बिल्कुल अलग बनाता है.

कैसे तैयार होता है जलेबी?

जलेबी को बनाने के लिए मैदे का घोल तैयार किया जाता है जिसे गरम तेल या घी में गोल-घुमावदार आकार में तला जाता है. फिर इसे चाशनी में डुबोकर परोसा जाता है. अंग्रेजी में इसे ‘Sweet Pretzel’, ‘Coiled Funnel Cake’ या ‘Indian Syrup-Coated Dessert’ कहा जाता है.

कैसा होता है स्वाद?

इसके स्वाद की बात करें तो गर्मा-गरम जलेबी की कुरकुराहट और मीठे रस का मेल ऐसा होता है कि एक बार खाने वाला बार-बार मांगता है. इसे रबड़ी, दूध या दही के साथ खाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

भारत में महत्व

भारत में जलेबी सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि एक परंपरा है. मध्यप्रदेश में पोहा-जलेबी, उत्तर भारत में समोसे के साथ जलेबी और सर्दियों में गरम दूध के साथ इसका स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है. दशहरा के दिन तो इसकी बिक्री सबसे ज्यादा होती है.

भारत का हिंदी नाम

जलेबी का नाम अरबी शब्द ‘जलाबिया’ से आया है लेकिन कुछ जानकार इसे प्राचीन भारतीय नाम ‘कुंडलिका’ या ‘जलवल्लिका’ से जोड़ते हैं. यह मिठाई मूल रूप से मध्य एशिया से भारत आई और यहां के स्वाद के अनुसार बदलती गई.

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कब मनाया जाता है जलेबी दिवस?

30 जुलाई को विश्व जलेबी दिवस भी मनाया जाता है. इस दिन लोग अलग-अलग सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा जलेबी की तस्वीरें शेयर करते हैं. भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और कुछ अफ्रीकी देशों में भी जलेबी बेहद लोकप्रिय है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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