जलेबी एक ऐसी मिठाई है जिसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. चाहे त्योहार हो, शादी-ब्याह या सुबह का नाश्ता जलेबी हर मौके को खास बना देती है. इसकी कुरकुरी बाहरी परत और अंदर भरा मीठा रस इसे बाकी मिठाइयों से बिल्कुल अलग बनाता है.
कैसे तैयार होता है जलेबी?
जलेबी को बनाने के लिए मैदे का घोल तैयार किया जाता है जिसे गरम तेल या घी में गोल-घुमावदार आकार में तला जाता है. फिर इसे चाशनी में डुबोकर परोसा जाता है. अंग्रेजी में इसे ‘Sweet Pretzel’, ‘Coiled Funnel Cake’ या ‘Indian Syrup-Coated Dessert’ कहा जाता है.
कैसा होता है स्वाद?
इसके स्वाद की बात करें तो गर्मा-गरम जलेबी की कुरकुराहट और मीठे रस का मेल ऐसा होता है कि एक बार खाने वाला बार-बार मांगता है. इसे रबड़ी, दूध या दही के साथ खाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
भारत में महत्व
भारत में जलेबी सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि एक परंपरा है. मध्यप्रदेश में पोहा-जलेबी, उत्तर भारत में समोसे के साथ जलेबी और सर्दियों में गरम दूध के साथ इसका स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है. दशहरा के दिन तो इसकी बिक्री सबसे ज्यादा होती है.
भारत का हिंदी नाम
जलेबी का नाम अरबी शब्द ‘जलाबिया’ से आया है लेकिन कुछ जानकार इसे प्राचीन भारतीय नाम ‘कुंडलिका’ या ‘जलवल्लिका’ से जोड़ते हैं. यह मिठाई मूल रूप से मध्य एशिया से भारत आई और यहां के स्वाद के अनुसार बदलती गई.
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कब मनाया जाता है जलेबी दिवस?
30 जुलाई को विश्व जलेबी दिवस भी मनाया जाता है. इस दिन लोग अलग-अलग सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा जलेबी की तस्वीरें शेयर करते हैं. भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और कुछ अफ्रीकी देशों में भी जलेबी बेहद लोकप्रिय है.
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-भारत एक्सप्रेस
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