देशभर में आज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी की धूम है. मंदिरों से लेकर घरों तक श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ इस पर्व को मना रहे हैं. इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. नेताओं ने अपने संदेशों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को याद करते हुए लोगों से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देश-विदेश में रहने वाले भारतीयों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन और उनके संदेश भारतीय संस्कृति और दर्शन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में सत्य, धर्म, न्याय, करुणा और निष्काम कर्म जैसे मूल्यों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर सभी को श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए. साथ ही, उन्होंने एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए लगातार काम करने की बात कही, जहां विकास के साथ समावेशिता भी बनी रहे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को धर्म, नीति और लोककल्याण का प्रतीक बताते हुए कामना की कि योगेश्वर श्रीकृष्ण की कृपा सभी लोगों पर बनी रहे. अपने संदेश के अंत में उन्होंने ‘जय श्री कृष्ण’ कहा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के उस संदेश को याद किया, जो उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के जरिए दुनिया को दिया. उन्होंने कहा कि गीता हमें अपने कर्म के प्रति ईमानदार रहने, सही फैसला लेने, धैर्य बनाए रखने और समाज के कल्याण के लिए काम करने की प्रेरणा देती है.
राजनाथ सिंह ने प्रार्थना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से देश में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे. साथ ही हर परिवार के जीवन में खुशियां, उम्मीद और नई ऊर्जा आए.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देशवासियों को जन्माष्टमी के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं और अपने संदेश का समापन ‘जय श्री कृष्णा’ के साथ किया.
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म का उत्सव मनाने और उनके धर्म, कर्म और भक्ति से जुड़े संदेशों से प्रेरणा लेने की अपील की. उन्होंने सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं.
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात के समय भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में देवकी और वसुदेव के घर जन्म लिया था.
मान्यता है कि श्रीकृष्ण का जन्म अत्याचार और अधर्म के बढ़ते प्रभाव को खत्म करने तथा धर्म की स्थापना के लिए हुआ था. यही वजह है कि जन्माष्टमी सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि लोगों के लिए सत्य, धर्म और कर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा का अवसर भी मानी जाती है.
ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की सबसे लंबे समय तक पीएम रहने पर मेलोनी को दी बधाई, बोले- यह बहुत बड़ी उपलब्धि
-भारत एक्सप्रेस
नई दिल्ली से केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने ‘युथ सेफ्टी एंड स्मार्ट मोबिलिटी एक्सपीडिशन 2026’…
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांशीराम की साइकिल यात्रा एक बार फिर चर्चा में है.…
Pakistan Makkah Defence Pact Violation: तालिबान प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि…
चंडीगढ़ में COWE द्वारा WISE 4.0 का आयोजन हुआ, जहां ग्रामीण महिला उद्यमियों को AI,…
Saffron Politics In UP: उत्तर प्रदेश तब बदला, जब जाति आधारित राजनीति सत्ता की एकमात्र…
BJP New National Team: बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में हाल में किए गए फेरबदल को…