Jharkhand DMFT fund scam: रांची/मधुकर आनंद: झारखंड (Jharkhand) के सबसे बड़े और सर्वाधिक नक्सल प्रभावित इलाकों में शुमार सारंडा (Saranda) में इस वक्त भारी सियासी हलचल मची हुई है. राज्य के मुख्य विपक्षी दल बीजेपी (BJP) के नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi), पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (Madhu Koda) के साथ बीते दो दिनों से चाईबासा और सारंडा के सघन दौरों पर हैं. जनता से सीधे संवाद के बीच मरांडी ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे सत्ता के गलियारों में हड़कंप मच गया है.
बाबूलाल मरांडी ने सीधे पीएम मोदी के नक्सलवाद के खिलाफ विकास को गति देने वाले ‘DMFT फंड’ का मुद्दा उठाया है. मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि आंकड़े चीख-चीख कर बता रहे हैं कि सिर्फ चाईबासा (Chaibasa) इलाके को हर साल 300 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि दी जाती है. लेकिन, जमीन पर उतरकर सारंडा के हालात देखने से ही पता चल जाता है कि यह सारा पैसा विकास की जगह ‘भ्रष्टाचार की भेंट’ चढ़ रहा है.
DMFT फंड को लेकर बीजेपी के ये सवाल नए नहीं हैं; इससे पहले बोकारो समेत कई जिलों में इस फंड के दुरुपयोग की आवाज उठ चुकी है. लेकिन सारंडा से उठ रहे ये सवाल इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह वह ‘दुरूह इलाका’ है जहां नक्सलवाद पर काबू पाने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों को आज भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. अगर यहां विकास का पैसा सही जगह नहीं पहुंचेगा, तो नक्सलवाद से लड़ना और मुश्किल हो जाएगा.
इधर, बीजेपी के इन ‘विस्फोटक’ आरोपों पर सत्ताधारी दल और कांग्रेस (Congress) ने जोरदार पलटवार किया है. झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने मरांडी पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी उसी मधु कोड़ा के साथ बैठकर ज्ञान दे रहे हैं, जिन्होंने इसी सारंडा और चाईबासा इलाके से सबसे ज्यादा लूट मचाई थी. कांग्रेस ने मरांडी को नसीहत दी है कि ऐसे ‘दागियों’ के साथ बैठकर आरोप लगाना सिर्फ राज्य के विकास को बाधित करने की एक साजिश है.
ये भी पढ़ें: ‘हां CM फडणवीस से मिले हैं जयंत पाटिल’, लेकिन क्यों? संजय राउत ने बताई आधी रात की सच्चाई
DMFT फंड का मुख्य उद्देश्य उन इलाकों का विकास करना है जो खनन और नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. ऐसे में इस करोड़ों के फंड पर ना तो विपक्ष को राजनीति करनी चाहिए और ना ही सत्ता पक्ष को लीपापोती. जरूरत इस बात की है कि सत्ता पक्ष प्रधानमंत्री की मंशा को समझे और इस फंड का जमीन पर 100 प्रतिशत सदुपयोग करे, ताकि सारंडा जैसे इलाकों की तस्वीर सचमुच बदल सके.
Mallikarjun Kharge On PM Modi Father: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में पीएम मोदी…
ACS Sanjay Dubey On MP Urban Body Scam: वायरल वीडियो पर नगरीय प्रशासन विभाग के…
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के सनसिटी में ‘जाणता राजा’ के महामंचन को देखने हजारों लोग…
BSF Seized Pakistani Fishermen Boat: गुजरात के कच्छ में सर क्रीक इलाके से BSF ने…
अदाणी एयरपोर्ट्स और एयर इंडिया ग्रुप ने बड़ा फैसला लिया है. दिसंबर 2026 से नवी…
हरिद्वार में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की सावन के बाद अब नवरात्र के…