Sanjay Raut On Jayant Patil: महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और एकनाथ शिंदे की चेंबर मुलाकात का विवाद थमा भी नहीं था कि सूबे के सियासी गलियारों में एक और बेहद चौंकाने वाली खबर ने हड़कंप मचा दिया. शरद पवार गुट (NCP-SCP) के सबसे भरोसेमंद और वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल के बुधवार की आधी रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ बंगले पर पहुंचने. इसके बाद महाविकास अघाड़ी (MVA) में खलबली मच गई. ऐसे में अब संजय राउत का बयान सुर्खियां बटोर रहा है.
अजित पवार गुट के प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के बाद जयंत पाटिल का आधी रात को फडणवीस से बंद कमरे में मिलना, विपक्षी खेमे के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं लग रहा था. कयासबाजी शुरू हो गई कि क्या शरद पवार का कुनबा अब एनडीए (NDA) की तरफ कदम बढ़ा रहा है? जानें संजय राउत ने इस आधी रात की सीक्रेट मीटिंग को लेकर क्या बड़ा खुलासा किया है?
‘मुलाकात हुई, लेकिन…- संजय राउत (Sanjay Raut Statement)
संजय राउत ने मीडिया से मुखातिब होते हुए जयंत पाटिल और सीएम फडणवीस की मुलाकात की खबरों को स्वीकार किया, लेकिन इसके पीछे चल रही दल-बदल की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया. संजय राउत ने कहा कि यह अफवाहें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं कि कोई राजनीतिक डील हो रही है. जयंत पाटिल कल रात मुख्यमंत्री से मिले थे, हालांकि यह पूरी तरह से एक अलग मामला है.
राउत ने इनसाइड स्टोरी बताते हुए स्पष्ट किया कि जयंत पाटिल के निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय कलेक्टर ने एक चुने हुए नगर परिषद अध्यक्ष को अयोग्य घोषित कर दिया था. पाटिल का मानना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गैर-कानूनी थी. इसी खास प्रशासनिक मामले पर चर्चा करने और न्याय मांगने के लिए जयंत पाटिल कल रात मुख्यमंत्री से मिले थे.
विपक्ष को तोड़ने की अफवाह (Sanjay Raut Target NDA)
राउत ने कहा कि जयंत पाटिल एनसीपी और एमवीए के स्तंभ हैं. बीजेपी और शिंदे गुट के हाथ कुछ नहीं लग रहा है, इसलिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस खबर से सुप्रिया सुले भी हैरान हैं और वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति पूरी तरह साफ करेंगी.
संविधान संशोधन विधेयक पर अल्टीमेटम
मुलाकात के विवाद के बीच संजय राउत ने संसद के आगामी मॉनसून सत्र को लेकर केंद्र सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी. सूत्रों के मुताबिक सरकार इस सत्र में परिसीमन विधेयक और संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश करने की योजना बना रही है. राउत ने साफ कहा कि अगर सरकार इस विधेयक को उसी पुराने स्वरूप में वापस लाती है, तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर संसद के भीतर इसका पुरजोर विरोध करेगा और इसे पास नहीं होने देगा.
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विपक्ष ने सरकार के सामने यह स्टैंड रखा है कि इस विधेयक को दोबारा पेश करने से पहले इसमें कुछ जरूरी सुधार या संशोधन किए जाएं. अगर सरकार हमारे द्वारा सुझाए गए संशोधनों को मान लेती है, तभी विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार होगा.
नैरेटिव सेट करने की जंग (Sanjay Raut MVA vs NDA)
जयंत पाटिल की देवेंद्र फडणवीस से यह मुलाकात भले ही स्थानीय प्रशासनिक मुद्दे को लेकर हुई हो, लेकिन जिस तरह से यह आधी रात के सन्नाटे में ‘वर्षा’ बंगले के बंद कमरे में हुई, उसने एमवीए (MVA) के भीतर एक अविश्वास की लकीर जरूर खींच दी है. संजय राउत का तुरंत डैमेज कंट्रोल के लिए सामने आना और इसे ‘अवैध अयोग्यता’ का मामला बताना यह साबित करता है कि विपक्ष चुनाव से पहले अपनी साख को लेकर कितना संवेदनशील है.
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