Kerala Police Attack 2026: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर हुए प्रदर्शन पर मगरमच्छ के आंसू बहाने वाली कांग्रेस पार्टी का असली और दोहरा चरित्र अब सरेआम बेनकाब हो गया है. एक तरफ जहां दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस नेता और तथाकथित सामाजिक लोग दिन-रात हो-हल्ला मचा रहे थे.
वहीं दूसरी तरफ केरल की कांग्रेस सरकार ने नीट पेपर लीक के खिलाफ (Kerala NEET Protest 2026) सड़क पर उतरे मासूम विद्यार्थियों और वामपंथी छात्र संगठन (SFI) के कार्यकर्ताओं पर जुल्म ढाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. दरअसल केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में अपने हक और न्याय की मांग लेकर राजभवन की ओर बढ़ रहे छात्रों पर रात के अंधेरे में पुलिस ने पानी की तेज बौछारें (वाटर कैनन) छोड़कर बर्बरता और क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं.
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: Police used water cannons to disperse the SFI workers demanding the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over the issue of the NEET paper leak pic.twitter.com/eaa0DPdKlj
— ANI (@ANI) July 20, 2026
बता दें कि नीट परीक्षा में हुई भारी अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर तिरुवनंतपुरम में सैकड़ों छात्र एकत्र हुए थे. ये विद्यार्थी दिल्ली के संसद मार्च की तर्ज पर तिरुवनंतपुरम में राजभवन की तरफ शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे. लेकिन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे इन युवाओं को सुनने के बजाय कांग्रेस शासित राज्य की पुलिस ने उन पर वाटर कैनन से हमला बोल दिया.
इस दौरान पुलिस द्वारा की गई पानी तेज बौछारों के कारण मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई. कई छात्र पानी के भारी दबाव से नीचे गिर गए और चोटिल हो गए. सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग कर पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया और छात्रों को खदेड़ दिया.
दरअसल तिरुवनंतपुरम से आई इन भयावह तस्वीरों (Kerala NEET Protest 2026) ने तथाकथित लिबरल ब्रिगेड और वामपंथी मीडिया के सिलेक्टिव नैरेटिव का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है. सोशल मीडिया पर लोग जमकर भड़ास निकाल रहे हैं कि जो कांग्रेस नेता और वामपंथी पत्रकार दिल्ली में जंतर-मंतर पर पुलिसिया कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बता रहे थे, उन्हें केरल में छात्रों पर हुआ यह बर्बर अत्याचार क्यों नहीं दिख रहा है? दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की वकालत करने वाले तथाकथित बुद्धिजीवी तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर पानी की बौछारें खा रहे विद्यार्थियों के दर्द पर पूरी तरह से धृतराष्ट्र बने हुए हैं.]
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केरल में पुलिसिया लाठीचार्ज और वाटर कैनन की इस दमनकारी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि जब नीट मामले में छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरते हैं, तो कांग्रेस शासित राज्यों में उन पर बल प्रयोग क्यों किया जाता है?
एकतरफा रिपोर्टिंग करने वाले गिरोह की खामोशी पर सवाल उठाते हुए लोगों का कहना है कि तिरुवनंतपुरम में हुई यह बर्बरता यह साबित करने के लिए काफी है कि इन पार्टियों और पत्रकारों को छात्रों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है, वे केवल अपने सियासी एजेंडे के तहत दिल्ली में हंगामा खड़ा कर रहे थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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