Kumar Shailendra Bhagalpur
रिपोर्ट- अंजनी कुमार
Kumar Shailendra Bhagalpur: भागलपुर में गंगा का बढ़ता कटाव सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. पिछले दिनों गंगा ने बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र के विधानसभा क्षेत्र में ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध का करीब 150 मीटर हिस्सा कटाव की भेंट चढ़ गया. यह तटबंध ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास से भी कुछ ही दूरी पर स्थित है. तटबंध में आई इस बड़ी क्षति के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई थी और लोगों की चिंता बढ़ गई थी. हालांकि जल संसाधन विभाग लगातार युद्धस्तर पर मरम्मत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है.
इसी बीच शनिवार को पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र खुद कटाव स्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान मंत्री का सख्त तेवर देखने को मिला. मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता और अधिकारियों से उन्होंने एक-एक बिंदु पर जानकारी ली. कार्य की रफ्तार और गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मंत्री ने मुख्य अभियंता से कहा कि कटाव रोकने के लिए हर जरूरी संसाधन तुरंत लगाया जाए, पर्याप्त संख्या में जियो बैग डाले जाएं और दो दिनों के भीतर जमीन पर उसका असर दिखाई देना चाहिए. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि दो दिनों में रिजल्ट दीजिए, नहीं तो सस्पेंड कर देंगे. नौकरी तो जाएगी ही, उससे पहले यहां की जनता भी आपको जाने नहीं देगी.
मंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि यदि काम के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी आती है तो वे सीधे उनसे संपर्क करें. उन्होंने अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि जरूरत पड़े तो रात 12 बजे भी फोन कीजिए, लेकिन काम किसी भी हाल में नहीं रुकना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि तटबंध के दोनों छोर पर मजबूती के साथ सुरक्षा कार्य किया जाए और चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए, ताकि गंगा का कटाव आगे न बढ़ सके.
निरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि गंगा की धारा फिलहाल तटबंध की ओर मुड़ गई है, इसलिए चुनौती जरूर बढ़ी है, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और स्थानीय लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
मंत्री ने कहा कि वे क्षेत्र की जनता को 200 प्रतिशत आश्वस्त करते हैं कि तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारी या कर्मी पर सख्त कार्रवाई होगी.
आपको बता दें कि 26 जुलाई की रात गंगा के तेज बहाव और कटाव के कारण राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया था. इसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. तब से जल संसाधन विभाग लगातार जियो बैग, बोल्डर और अन्य तकनीकी उपायों के जरिए तटबंध को सुरक्षित करने और कटाव रोकने के कार्य में जुटा हुआ है.
-भारत एक्सप्रेस
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