दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल साइट पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘बांस वृक्षारोपण अभियान’ की शुरुआत की. यह पहल बायोमाइनिंग, भूमि पुनर्विकास और हरित दिल्ली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण के तहत की जा रही है. इस अभियान के तहत अगले एक महीने में 54,000 बांस के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे लैंडफिल साइट को एक हरित क्षेत्र में तब्दील किया जाएगा.
दिल्ली एलजी वीके सक्सेना ने इस अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “यह दिल्ली में एक नई शुरुआत है. पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र को साफ करने की दिशा में काम किया गया, और अब यहां पौधारोपण किया जा रहा है. आज 2000 बांस के पौधे लगाए गए हैं और आने वाले एक महीने में कुल 54,000 पौधे लगाए जाएंगे.”
उन्होंने बताया कि बांस को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह सामान्य पौधों की तुलना में 30% अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है और कम पानी की खपत करता है. बांस की तेज़ी से बढ़ने की क्षमता इसे पर्यावरण सुधार के लिए आदर्श बनाती है. उन्होंने कहा, “अगले एक साल में जब लोग इस क्षेत्र से गुजरेंगे, तो उन्हें कचरे के पहाड़ की जगह हरियाली दिखाई देगी.”
भलस्वा लैंडफिल साइट वर्षों से दिल्ली के प्रमुख कचरा निस्तारण स्थलों में से एक रही है, जहां कचरे के पहाड़ शहर की बढ़ती प्रदूषण समस्या को बढ़ाते रहे हैं. सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए बायोमाइनिंग तकनीक का उपयोग कर रही है, जिससे कचरे को अलग कर पुनः उपयोगी सामग्री निकाली जाती है और भूमि को पुनः उपयोग योग्य बनाया जाता है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ पौधारोपण अभियान नहीं है, बल्कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है. उन्होंने कहा, “हमारी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि दिल्ली को स्वच्छ और हरा-भरा बनाया जाए.”
यह पहल केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत@2047’ योजना के तहत की जा रही है, जिसका लक्ष्य भारत को 2047 तक एक विकसित और पर्यावरण के अनुकूल राष्ट्र बनाना है. इस योजना के तहत देशभर में हरित परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी.
भलस्वा लैंडफिल साइट पर यह वृक्षारोपण अभियान न केवल इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि दिल्लीवासियों को एक स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद वातावरण भी प्रदान करेगा. सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल दिल्ली की जलवायु सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भविष्य में अन्य लैंडफिल साइट्स के पुनर्विकास के लिए एक उदाहरण बनेगी.
भलस्वा लैंडफिल साइट पर ‘बांस वृक्षारोपण अभियान’ न केवल पर्यावरण सुधार की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि यह दिल्ली के लिए एक नई उम्मीद भी जगाता है. आने वाले समय में यह पहल शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने और प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. एलजी वीके सक्सेना और सीएम रेखा गुप्ता ने जनता से भी इस अभियान में भाग लेने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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