Chandra Grahan 2025: भारत में 7 सितंबर 2025 की रात को पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जा रहा है. यह ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि पर रात में दिखेगा और काफी समय तक रहेगा. इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा. भारत में यह खगोलीय घटना रात के समय साफ देखी जा सकेगी, जो खगोल प्रेमियों के लिए खास होगी.
भारतीय संस्कृति में चंद्र ग्रहण को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों से बचना चाहिए. ग्रहण काल में खाना-पीना, खासकर मांसाहार और शराब का सेवन, वर्जित माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है, जिसके कारण भोजन और पेय पदार्थ ‘अशुद्ध’ हो सकते हैं. ज्योतिष और पुराणों में इसे ‘सूतक’ काल से जोड़ा जाता है, जो ग्रहण शुरू होने से पहले शुरू होता है.
चंद्र ग्रहण के दौरान शराब पीने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अशुभ माना जाता है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण का शराब या भोजन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए कई लोग इस समय खाना-पीना टालते हैं. यदि भोजन करना आवश्यक हो, तो ताजा और सात्विक भोजन जैसे फल, दूध या हल्का खाना लेने की सलाह दी जाती है. गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को सूतक नियमों से छूट दी जा सकती है.
वैसे चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन धार्मिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं. शराब और भारी भोजन से बचना बेहतर है, ताकि परंपराओं का पालन हो और मन शांत रहे. ग्रहण का आनंद लेते हुए इसकी वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्ता को समझें.
ये भी पढ़ें: सितंबर में दो ग्रहणों का दुर्लभ संयोग, चंद्रग्रहण से शुरू होगा पितृपक्ष, सूर्यग्रहण पर होगा समापन
-भारत एक्सप्रेस
Lal Bahadur Shastri: जनवरी 1921 में बनारस में महात्मा गांधी और पंडित मदन मोहन मालवीय…
सोशल मीडिया पर इन दिनों असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से जुड़े कुछ वीडियो…
डैन वांग की किताब Breakneck: China’s Quest to Engineer the Future पिछले कुछ समय से…
दिल्ली में आयोजित Asset Recovery Inter-Agency Network–Asia Pacific (ARIN-AP) की 11वीं वार्षिक आम बैठक 30…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “धारावी एक्सपीरियंस सेंटर से निवासियों को रीडेवलपमेंट…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी के आठवें संस्करण की समय सीमा…