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महाकाल के दरबार में लगा दिग्गजों का जमावड़ा: अभिनेता आशीष विद्यार्थी और नीति आयोग की अन्ना रॉय ने टेका मत्था

संवाददाता-मनोज भटनागर


धर्म की नगरी उज्जैन के आकाश में आज आस्था और सेलेब्रिटी का एक अद्भुत मेल देखने को मिला. जहां एक ओर बॉलीवुड के मशहूर विलेन आशीष विद्यार्थी भगवान महाकाल के दरबार(Mahakal Temple) में शीश नवा रहे थे, वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ समझे जाने वाले नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार अन्ना रॉय भी बाबा के चरणों में माथा टेकने पहुंची थीं. इस दुर्लभ नजारे ने महाकाल मंदिर के प्रांगण को एक अलग ही गरिमा और चमक प्रदान की.

महाकाल की भक्ति में डूबे अभिनेता आशीष विद्यार्थी

फिल्मी पर्दे पर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में दहशत बिठाने वाले आशीष विद्यार्थी आज पूरी तरह एक साधारण भक्त की तरह नजर आए. उन्होंने न सिर्फ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए, बल्कि मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन कोटि तीर्थ कुंड के किनारे विराजित कोटेश्वर महादेव का विधिवत पूजन-अभिषेक भी किया. वे काफी समय तक शांत भाव से बाबा की आराधना में लीन रहे. उनकी इस आध्यात्मिक मुद्रा ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं को भी गहराई से प्रभावित किया. दर्शन के पश्चात उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि मंदिर परिसर में लोग योजनाबद्ध कतार से आगे बढ़ रहे हैं और साफ़ सफाई के लिए जिम्मेदार कमेटी के लोगों की सराहना की।

अन्ना रॉय का आध्यात्मिक सफर

देश की आर्थिक नीतियाँ तैयार करने वाले प्रतिष्ठित संस्थान नीति आयोग की प्रिंसिपल इकनॉमिक एडवाइजर अन्ना रॉय का महाकाल दरबार में आना भी एक विशेष घटना रही. अपनी व्यस्तताओं के बीच से समय निकालकर उज्जैन पहुँचीं एना रॉय ने भक्ति भाव से महाकाल के दर्शन किए और देश की समृद्धि व खुशहाली की कामना की. मंदिर (Mahakal Temple) प्रशासन ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया.

आस्था का अनूठा संगम

यह दृश्य इसलिए भी खास था क्योंकि इसमें दो ऐसे व्यक्तित्व एक स्थान पर एकत्र हुए, जो अपने-अपने क्षेत्रों के शीर्ष पर हैं, लेकिन आज वे सिर्फ दो साधारण भक्त थे. एक तरफ मनोरंजन जगत का चमकता सितारा और दूसरी तरफ देश के आर्थिक भविष्य की रूपरेखा तैयार करने वाली शख्सियत। आज दोनों ही आस्था के सामने नतमस्तक नजर आए. इसने एक स्पष्ट संदेश दिया कि चाहे जीवन कितनी भी ऊँचाइयों पर क्यों न पहुँच जाए, आध्यात्मिकता और श्रद्धा का स्थान सदैव सर्वोपरि रहता है.

मंदिर प्रशासन ने किया स्वागत

महाकालेश्वर मंदिर समिति ने दोनों ही प्रतिष्ठित अतिथियों का खुले दिल से स्वागत किया. आशीष विद्यार्थी का स्वागत जनसंपर्क प्रभारी नवीन शर्मा ने किया, वहीं अन्ना रॉय का अभिनंदन उप प्रशासक सिम्मी यादव ने किया. मंदिर प्रशासन की इस पहल ने न केवल अतिथि सत्कार का परिचय दिया, बल्कि इस धार्मिक स्थल की सांस्कृतिक समृद्धि को भी रेखांकित किया. उज्जैन का महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का एक जीवंत केंद्र है, जहाँ हर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के शांति और आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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