Jhunjhunu Mahindra Agency Protest
Jhunjhunu Mahindra Agency Protest: झुंझुनूं में 21 वर्षीय युवक तरुण नायक की सड़क हादसे में मौत के बाद महिंद्रा स्कॉर्पियो की सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बुधवार को मृतक के परिजनों, दोस्तों और बड़ी संख्या में युवाओं ने शहर स्थित महिंद्रा एजेंसी के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन से हवा में लटकाकर एजेंसी के बाहर खड़ा कर दिया और उस पर ‘मौत का डब्बा’ और ‘टीन का डब्बा’ लिखकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शन के चलते मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से समझाइश कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया.
जानकारी के अनुसार डूंडलोद पब्लिक स्कूल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी. हादसे में 21 वर्षीय तरुण नायक की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना के समय तरुण ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, लेकिन इतनी भीषण टक्कर के बावजूद गाड़ी के एयरबैग नहीं खुले. उनका कहना है कि यदि एयरबैग समय पर खुल जाते तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी.
प्रदर्शन के दौरान मृतक के दोस्त धीरज जाट ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें कंपनी से न मुआवजा चाहिए और न नई गाड़ी, बल्कि उनका दोस्त वापस चाहिए. उन्होंने महिंद्रा प्रबंधन और उद्योगपति आनंद महिंद्रा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कंपनी अपनी गाड़ी को सुरक्षित मानती है तो वह इसकी सुरक्षा की वास्तविकता खुद परखकर देखे.
धीरज ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो महिंद्रा एजेंसी पर स्थायी ताला लगा दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की बातचीत एजेंसी के अंदर नहीं होगी, बल्कि कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को बाहर आकर सार्वजनिक रूप से जवाब देना होगा.
प्रदर्शन में शामिल एक अन्य युवक संजय ने आरोप लगाया कि एजेंसी प्रबंधन आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. उनका कहना था कि अधिकारियों द्वारा कुछ चुनिंदा लोगों को अलग से बातचीत के लिए बुलाकर प्रदर्शनकारियों के बीच फूट डालने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
इस पूरे मामले पर गहलोत मोटर्स झुंझुनूं के मैनेजर रवि शर्मा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि संबंधित स्कॉर्पियो मार्च के अंत में बीकानेर मोटर्स, चूरू से खरीदी गई थी. उन्होंने कहा कि एयरबैग खुलने के अपने तकनीकी मानक होते हैं और हर प्रकार की टक्कर में एयरबैग नहीं खुलते.
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जाएगी, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एयरबैग क्यों नहीं खुले. साथ ही कंपनी की वरिष्ठ प्रबंधन टीम लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी के माध्यम से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और महिंद्रा की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
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फिलहाल इस मामले ने वाहन सुरक्षा, एयरबैग सिस्टम की विश्वसनीयता और ऑटोमोबाइल कंपनियों की जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर दुर्घटना की तकनीकी जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि एयरबैग निर्धारित मानकों के अनुसार क्यों नहीं खुले और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी.
-भारत एक्सप्रेस
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