कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मोदी सरकार की मंजूरी
Modi Cabinet Meeting Decision: मोदी सरकार में भारत एक बार फिर वैश्विक खेल मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है. मोदी कैबिनेट ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games 2030) की मेजबानी के लिए भारत की बोली को हरी झंडी दे दी है. इस महत्वपूर्ण फैसले के साथ, अहमदाबाद एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे विश्व स्तरीय खेल स्थलों के साथ, शहर को इन खेलों की मेजबानी के लिए आदर्श माना जा रहा है. यह निर्णय सिर्फ एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटन, रोजगार सृजन और राष्ट्रीय गौरव की भावना को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
भारत का यह कदम कनाडा के रेस से बाहर होने के बाद आया है, जिससे मेजबानी मिलने की संभावनाएं और भी बढ़ गई हैं. खैर देखना होगा कि बिड में भारत को मौका मिलता है कि नहीं. अगर भारत को मौका मिल पाता है तो इससे खिलाड़ियों के करियर को बूम मिलेगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रमंडल खेल (सीडब्ल्यूजी) 2030 के लिए बोली प्रस्तुत करने के लिए युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. मंत्रिमंडल ने सम्बंधित मंत्रालयों, विभागों और प्राधिकरणों से आवश्यक गारंटी के साथ मेजबान सहयोग समझौते (एचसीए) पर हस्ताक्षर करने और बोली स्वीकार होने की स्थिति में गुजरात सरकार को आवश्यक अनुदान सहायता के लिए भी मंजूरी दे दी.
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भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद में करने के लिए दावा पेश करेगा. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने बिडिंग प्रपोजल को मंजूरी दे दी है. इससे पहले 14 अगस्त को भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने इसे मंजूरी दी थी. अब भारत को 31 अगस्त तक फाइनल बिडिंग करनी होगी.
अहमदाबाद विश्व स्तरीय स्टेडियमों, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और एक जोशीली खेल संस्कृति वाला आदर्श मेज़बान शहर है. 2023 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप फ़ाइनल की सफलतापूर्वक मेज़बानी करने के लिए नरेन्द्र मोदी स्टेडियम, दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है.
राष्ट्रमंडल खेलों में 72 देशों के एथलीट भाग लेंगे. खेलों के दौरान भारत आने वालों में बड़ी संख्या में एथलीट, कोच, तकनीकी अधिकारी, पर्यटक, मीडियाकर्मी और अन्य लोग भी शामिल होंगे. इससे स्थानीय व्यवसायों को लाभ होगा और राजस्व में वृद्धि होगी.
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खेलों के अलावा, भारत में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और लाखों युवा एथलीटों को प्रेरणा मिलेगी. इसके अलावा, खेल विज्ञान, आयोजन संचालन एवं प्रबंधन, रसद एवं परिवहन समन्वयक, प्रसारण एवं मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, जनसंपर्क एवं संचार तथा अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पेशेवरों को अवसर मिलेंगे.
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी एक दूरदर्शी कदम है जो देश को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा. यह आयोजन न केवल 72 देशों के एथलीटों को आकर्षित करेगा, बल्कि खेल विज्ञान से लेकर प्रसारण तक, कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा. भारत पहले भी ऐसे आयोजन करा चुका है. मतलब साफ है कि देश के पास मेजबानी की क्षमता है. यह बोली सफल होती है तो यह देश के युवाओं को खेलों को एक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेगी.
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