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मुंबई में ‘याद-ए-बिस्मिल्लाह’ के सुरों से गूँजा उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ां का अमर संगीत

प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर का मुख्य सभागार 12 सितंबर की शाम भारतीय शास्त्रीय संगीत के अनूठे उत्सव में डूब गया. भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां साहब की स्मृति को समर्पित ‘याद-ए-बिस्मिल्लाह’ कार्यक्रम ने न सिर्फ उनकी विरासत को नमन किया, बल्कि शहनाई की मधुर धुनों और सुरों की बरसात से दर्शकों को भावविभोर कर दिया.

एक भव्य आयोजन और राजकीय सम्मान

मधु मुरच्छना संस्था द्वारा आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार मौजूद रहे. इस मौके पर एक गरिमामयी क्षण तब देखने को मिला जब कार्यक्रम की संयोजक और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की शिष्या एवं दत्तक पुत्री, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने ‘द मेमोरियल भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां सम्मान’ से विख्यात तबला वादक पद्मश्री पंडित सुरेश तलवलकर जी को चांदी की शहनाई भेंट कर सम्मानित किया. यह सम्मान शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना थी.

सुरों का जादू और मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियाँ

कार्यक्रम की शुरुआत बनारस घराने की प्रख्यात गायिका डॉ. सोमा घोष ने अपने गायन से की. अपनी मनमोहक और भावपूर्ण आवाज़ से उन्होंने रागों की एक ऐसी बुनावट बुनी कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा. इसके बाद ओंकार अग्निहोत्री, अक्षरा व्यास और ऋषिकेश कर्मकार ने एक ट्रियो के रूप में अपनी संगीतमयी प्रस्तुति देकर श्रोताओं का दिल जीत लिया. नाज़ीश जब्बार हुसैन खान, नवीन ओबेरॉय और राहुल मिलन ने संगत कर उनकी प्रस्तुति को चार चाँद लगा दिए.

उस्ताद के जीवन का सजीव चित्रण

एक विशेष आकर्षण उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के जीवन पर आधारित एक डॉक्यू-ड्रामा (वृत्तचित्र-नाटक) का मंचन था, जिसका निर्देशन शुभांकर घोष ने किया. इस प्रस्तुति ने शहनाई सम्राट के संघर्ष, साधना और अतुलनीय सफर को बेहद मार्मिक और दृश्यात्मक अंदाज में पेश किया, जिसने दर्शकों को उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराया.

सांस्कृतिक शाम का गवाह बना मुंबई का élite समाज

इस सांस्कृतिक समारोह में मुंबई के गणमान्य नागरिकों, कलाकारों और संगीतप्रेमियों की उपस्थिति रही. अभिनेता गौरव प्रतीक, संगीत निर्देशक विवेक प्रकाश एवं विशाल शिलके, कवयित्री डॉ. मंजू लोढ़ा सहित कई हस्तियाँ इस ऐतिहासिक शाम की गवाह बनीं. कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद सिंह ने किया. यह शाम उस्ताद बिस्मिल्लाह खां साहब की अमर धुनों और उनकी अमिट विरासत की याद में एक सच्ची श्रद्धांजलि साबित हुई.

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-भारत एक्सप्रेस

Dr. Khalid Raza Khan

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