Arunachal Pradesh Cannabis Crackdown: अरुणाचल प्रदेश की वादियों और घने जंगलों के बीच जब सुरक्षा बलों के कदम पड़े, तो वहां का मंजर देखकर हर कोई हैरान रह गया. दूर-दूर तक फैले हरे-भरे पौधे कोई प्राकृतिक वनस्पति नहीं, बल्कि नशे का ऐसा विशाल समंदर थे. इसे देख हर किसी के मुंह से निकल पड़ा यह खेत है या गांजे का पूरा जंगल? तस्करों और भू-माफियाओं ने यहां अवैध खेती की सारी हदें पार करते हुए सैकड़ों एकड़ जमीन को नशे की मंडी में तब्दील कर दिया था.
अंतरिक्ष में घूम रहे सैटेलाइट की पैनी नजर से यह काला साम्राज्य ज्यादा दिन तक छिप नहीं सका. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), सशस्त्र सीमा बल (SSB), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और अरुणाचल प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने वेस्ट कामेंग में ऑपरेशन चलाकर फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया है.
118 अधिकारी, जवान और स्थानीय कर्मी, जिसमें NCB ईटानगर जोनल यूनिट, SSB, CRPF, अरुणाचल प्रदेश एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला प्रशासन शामिल रहे.
पहाड़ों के अत्यंत दुर्गम और बीहड़ इलाकों में छिपी इस खेती तक सामान्य गश्त के जरिए पहुंचना नामुमकिन था. इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया. एनसीबी ने अत्याधुनिक उपग्रह तस्वीरों के जरिए घने जंगलों के बीच गांजे के बड़े-बड़े पैच और खेतों की सटीक लोकेशन मैप की.
वेस्ट कामेंग पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने जीपीएस इनपुट्स के आधार पर पैदल और दुर्गम रास्तों से होकर इन ठिकानों की पुष्टि की. 118 जवानों की संयुक्त टीम ने कुल्हाड़ी, दरांती और आधुनिक उपकरणों के सहारे लगातार 9 दिनों तक 1.37 लाख किलो से ज्यादा पौधों को काटकर मौके पर ही जलाकर खाक कर दिया.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में साल 2026 में अब तक नष्ट किया गया गांजे का रकबा साल 2025 के पूरे वर्ष के आंकड़े से 8 गुना से भी अधिक हो चुका है. यह कार्रवाई केंद्र सरकार के विशेष विजन डॉक्यूमेंट के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में नशे की खेती के हॉटस्पॉट्स को खत्म करना है.
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एनसीबी ने पूरे राज्य में कई नए हॉटस्पॉट्स चिह्नित किए हैं. आने वाले दिनों में लोहित, लोअर दिबांग वैली, दिबांग वैली, नामसाई, अंजाव, तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग में अफीम (Poppy) और गांजे की अवैध खेती के खिलाफ बड़ा प्रहार किया जाएगा. इससे पहले एनसीबी ने हिमाचल प्रदेश की पार्वती घाटी (कुल्लू) में 592 एकड़ और ओडिशा के कंधमाल में 30 एकड़ से अधिक अवैध फसल को उखाड़ फेंका था.
मादक पदार्थों की खेती और तस्करी को जड़ से मिटाने के लिए एनसीबी ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है. कोई भी नागरिक अपने क्षेत्र में गांजे या अफीम की खेती अथवा तस्करी की गोपनीय जानकारी राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ (MANAS) के टोल-फ्री नंबर 1933 पर बिना अपनी पहचान उजागर किए दे सकता है.
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