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डिजिटल इंडिया से लेकर कोविड-19 तक: NCERT ने कक्षा 1 से 12 तक के लिए 7 शिक्षण मॉड्यूल पेश किए

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए सात नए मॉड्यूल जारी किए हैं. इन मॉड्यूल में डिजिटल तकनीक, स्वच्छता, पर्यावरण, खेल, लोकतंत्र और सांस्कृतिक विरासत समेत कई विषय शामिल होंगे. इनका उद्देश्य कहानियों, केस स्टडी, क्विज और इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से सीखने को रोचक और प्रभावी बनाना है.

डिजिटल इंडिया

प्राथमिक स्तर के मॉड्यूल में बच्चों को यूपीआई ऐप जैसे डिजिटल भुगतान से परिचित कराया जाएगा. जबकि मिडिल और उच्च स्तर पर छात्रों को डिजिलॉकर, आधार, आयुष्मान भारत, उमंग ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के बारे में पढ़ाया जाएगा. इस मॉड्यूल में राजस्थान के एक आभूषण कारीगर की कहानी भी शामिल होगी, जिसमें दिखाया जाएगा कि कैसे छोटे व्यवसाय भी सरकारी डिजिटल संसाधनों से लाभान्वित हो रहे हैं.

मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल हेल्पलाइन

यह मॉड्यूल रीवा नाम की एक छात्रा की कहानी बताएगा, जो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली मानस का उपयोग करके अपनी भावनाओं को संभालती है. कहानी बच्चों और युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने का एक प्रयास है.

लोकतंत्र और चुनावी परंपराएं

छात्रों को भारत के लोकतंत्र के आरंभ से लेकर आधुनिक चुनावी संस्थाओं तक के विकास के बारे में बताया जाएगा. कौटिल्य के अर्थशास्त्र में कल्याणकारी राज्य के विचार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

कोविड-19

यह मॉड्यूल बच्चों को महामारी के लक्षण और रोकथाम के तरीकों को समझाने के लिए चित्रों, गतिविधियों और विज्ञान-आधारित मॉडलिंग का उपयोग करता है. उच्चतर माध्यमिक छात्रों के लिए, गतिविधियों में वायरस का 3D मॉडल बनाना और प्रभावित लोगों के साथ बातचीत करना शामिल होगा.

सफाई

छोटे बच्चों के लिए, “सफाई जादूगर” नामक एक एनिमेटेड कैरेक्टर गंदगी और कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बों के बारे में सिखाता है. हाई स्कूल के छात्रों को व्यक्तिगत व्यवहार और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच के संबंध के बारे में समझाया जाता है.

खेल

इसमें 2023 एशियाई खेलों में भारत की जीत के बारे में बताया जाएगा और इसमें नीरज चोपड़ा जैसे खिलाड़ियों की कहानियाँ शामिल हैं, जो खेलों के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करते हैं

विरासत और विकास

यह मॉड्यूल बच्चों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराता है, जैसे कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और असम में कामाख्या मंदिर. यह स्मारकों और बहुभाषी शब्दावली से संबंधित कहानियों के माध्यम से संस्कृति की समझ को भी प्रोत्साहित करता है.

इन नए मॉड्यूलों का उद्देश्य बच्चों को टेक्नोलॉजी से जोड़ना है, साथ ही उन्हें अपनी संस्कृति, स्वास्थ्य, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति जागरूक बनाना है.


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-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

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