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राज्यसभा जाने पर नीतीश कुमार की सैलरी बढ़ेगी या घटेगी? सुविधाएं और प्रोटोकॉल में होगा कितना बदलाव, जानें पूरी डिटेल

CM vs MP salary: बिहार की राजनीति में एक जुमला काफी प्रसिद्ध है. “सरकार किसी की भी हो, सीएम नीतीश कुमार होंगे”. बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अब तक 10 बार शपथ ले चुके हैं. 2 दशक से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने के बाद अब नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के लिए तैयार हैं. गुरुवार (5 मार्च) को उन्होंने बिहार विधानसभा जाकर राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भरा है. बता दें कि राज्यसभा के लिए वोटिंग 16 मार्च को होगी. लेकिन इससे पहले राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वेतन को लेकर चर्चा तेज हो गई है. आइए जानते हैं मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद के वेतन में कितना फर्क है.

वेतन में कितना फर्क पड़ेगा?

वित्त वर्ष 2025-26 के मौजूदा वेतनमान के अनुसार, नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर हर महीने लगभग 2.15 लाख से 2.6 लाख रुपये (Nitish Kumar Salary) तक वेतन और विभिन्न भत्ते प्राप्त होते हैं. हाल के वर्षों में विधायकों और मंत्रियों के वेतन में हुई बढ़ोतरी के बाद यह राशि एक सम्मानजनक स्तर पर पहुंच चुकी है.

यदि वे राज्यसभा सदस्य बनते हैं, तो एक सांसद के रूप में उनका मूल वेतन करीब 1 लाख रुपये होगा (Rajya Sabha MP Salary). लेकिन इसमें निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय व्यय और अन्य सुविधाएं जोड़ दी जाएं तो कुल मासिक आय लगभग 2.5 लाख से 2.8 लाख रुपये के बीच पहुंच सकती है. यानी सीधी तुलना करें तो नकद आय में कोई बड़ा नुकसान नहीं दिखता; भत्तों सहित यह राशि मुख्यमंत्री के वेतन के बराबर या उससे थोड़ी अधिक भी हो सकती है.

सुविधाएं और प्रोटोकॉल में बदलाव

वेतन से अलग, सबसे बड़ा फर्क सुविधाओं और प्रोटोकॉल में दिखाई देगा. मुख्यमंत्री के रूप में उनके पास पूरे राज्य की प्रशासनिक मशीनरी, Z+ श्रेणी की सुरक्षा, बड़ा आधिकारिक आवास और विस्तृत स्टाफ रहता है.


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राज्यसभा सांसद बनने पर उन्हें दिल्ली के लुटियंस क्षेत्र में सरकारी आवास और सांसद स्तर की सुरक्षा मिलेगी. हालांकि यह सुविधाएं सम्मानजनक हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद के मुकाबले उनका दायरा सीमित होगा. राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो राज्यसभा जाना उनके लिए राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका की ओर संकेत माना जा सकता है साथ ही इसे एक गरिमापूर्ण बदलाव या नई पारी की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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