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विभाजन के बाद भी नहीं सुधरा पाकिस्तान, नफरत की आग में खुद ही जलता रहा, आजादी के बाद पाकिस्तान और भारत में क्या बदला?

14 अगस्त 1947 को भारत (India) से अलग होकर पाकिस्तान (Pakistan) बना था. उस वक्त यह कहा गया था कि यह एक नया मुल्क होगा, जहां सबको बराबरी मिलेगी, तरक्की होगी और अमन-चैन रहेगा. लेकिन हकीकत कुछ और ही है. पाकिस्तान शुरू से ही नफरत, कट्टरता और हिंसा को अपना रास्ता बना लिया. भारत (India) से अलग होने के बाद भी पाकिस्तान ने कभी शांति का रास्ता नहीं चुना बल्कि हर मोड़ पर दुश्मनी को ही हवा दी.

विभाजन से लेकर अब तक पाकिस्तान

विभाजन के समय लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा, हजारों की जान गई और करोड़ों की जिंदगी बर्बाद हो गई. भारत (India) ने उस दर्द को सीन से लगाकर आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन पाकिस्तान ने उस जख्म को और गहरा करने की ठानी. चाहे वो आतंकवाद को पालना हो या कश्मीर को लेकर साजिशें रचना. पाकिस्तान ने हमेशा भारत के खिलाफ जहर ही उगला.

भारत-और पाकिस्तान में कितना अंतर?

आज जब भारत (India) दुनिया की सबसे बड़ी लोकतंत्र बनकर आगे बढ़ रहा है तो ऐसे में पाकिस्तान अपने ही बनाए जाल में उलझा हुआ है. वहां की सरकारें आती-जाती रहती है, सेना का राज चलता रहता है और आम जनता महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जुझ रही है. भारत ने विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दुनिया को चौंकाया है जबकि पाकिस्तान (Pakistan) अब भी कट्टरता और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झूठ फैलाने में लगा है.

पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस कब मनाता है?

हर साल 14 अगस्त को पाकिस्तान (Pakistan) अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है, लकिन एक सवाल उठता है कि क्या वाकई में वो आजाद है? जब जनता वहां से बोलने से डरती है, जब पत्रकार जेलों में बंद होते हैं और जब अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है तो आजादी किस बात की है.

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सारे जहां से हिंदुस्तान हमारा

भारत (India) ने विभाजन के बाद भी सबको साथ चलने की कोशिश की लेकिन पाकिस्तान (Pakistan) ने नफरत को ही अपनी पहचान बना लिया. अब वक्त है कि वो अपने गिरेबान में झांके और समझे कि नफरत से सिर्फ बर्बादी मिलती है तरक्की नहीं.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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