फोटो क्रेडिट- भारत एक्सप्रेस
Pannalal Shakya controversial statement: मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने रामायण, महाभारत और इतिहास का हवाला देते हुए महिलाओं को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर मंच पर मौजूद भाजपा की महिला विधायक प्रियंका मीना पैंची ने ही आपत्ति जता दी. दोनों के बीच मंच पर तीखी बहस भी हो गई. घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
मामला गुना के नानाखेड़ी मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 का है. कार्यक्रम से मुख्यमंत्री मोहन यादव भी वर्चुअली जुड़े थे और उन्होंने किसानों को संबोधित किया. इसके बाद गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने मंच से अपनी बात रखी. किसानों से जुड़े मुद्दों पर बोलते-बोलते विधायक महिलाओं और धार्मिक ग्रंथों के प्रसंगों पर पहुंच गए. उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण के पराई स्त्री को लाने के कारण युद्ध हुआ और उसमें महिलाओं की नहीं, बल्कि पुरुषों की जान गई. इसके बाद उन्होंने महाभारत का जिक्र करते हुए द्रौपदी के प्रसंग में बड़ी संख्या में पुरुषों के मारे जाने की बात कही.
शाक्य के बयान पर मंच पर मौजूद चांचौड़ा से भाजपा विधायक प्रियंका मीना पैंची ने तत्काल विरोध दर्ज कराया. उन्होंने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए आपत्ति जताई. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई. बताया जा रहा है कि प्रियंका पैंची के विरोध के बावजूद पन्नालाल शाक्य अपने बयान पर कायम रहे. उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने बहुत किताबें पढ़ी हैं और उन्हें पता है कि कहां क्या हुआ है. उन्होंने महिला विधायक से बैठने के लिए भी कहा.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया. विधायक के बयान को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. वहीं, भाजपा विधायक प्रियंका पैंची के सार्वजनिक तौर पर विरोध करने की भी चर्चा हो रही है.
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बयान पर विवाद बढ़ने के बाद पन्नालाल शाक्य ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सफाई दी. उन्होंने कहा कि बलराम महोत्सव में उनके भाषण का मीडिया और अन्य लोगों द्वारा गलत अर्थ निकाला जा रहा है. शाक्य ने अपनी सफाई में कहा कि उनका आशय यह बताना था कि जिन लोगों ने महिलाओं का अनादर या अपमान किया, उनके कारण संबंधित पुरुषों को सजा मिली और उनकी मौत हुई. हालांकि, उनके मूल बयान को लेकर विवाद अभी भी जारी है और इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश की सियासत में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है.
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