फोटो— संसद सत्र
Budget Session at Indian Parliament: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के शुरू होने से पहले मोदी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक की संभावना जताई जा रही है. विपक्ष ने मणिपुर में हिंसा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ की धमकी और मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर जैसे मुद्दों को उठाने का निर्णय लिया है.
बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार, 10 मार्च 2025 से शुरू हो रहा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होने की संभावना है. विपक्ष का लक्ष्य सरकार को इन मुद्दों पर घेरना है, जबकि सरकार का ध्यान अनुदान मांगों की मंजूरी, बजटीय प्रक्रिया, मणिपुर बजट के अनुमोदन और वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने पर होगा.
विपक्ष ने चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उठाए गए मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बनाई है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल में अन्य राज्यों के मतदाताओं को अपना मताधिकार प्रयोग करने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर किया गया था. हालांकि, चुनाव आयोग ने इस आरोप को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि कुछ मतदाताओं के पहचान पत्र संख्या समान हो सकते हैं, लेकिन बाकी जानकारी अलग होगी. चुनाव आयोग ने सुधारात्मक कदम उठाने की भी घोषणा की है. इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इसे संसद में उठाने का निर्णय लिया है.
सरकार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक को जल्दी पारित कराना एक अहम लक्ष्य होगा. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को जल्दी पारित कराने की आवश्यकता बताई है, क्योंकि इसके माध्यम से मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दों का समाधान हो सकता है. हालांकि, विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि विपक्षी इंडिया ब्लॉक इसका विरोध करेगा. इसके अलावा, विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाएगा, और कांग्रेस ने यह आरोप लगाया है कि चुनाव अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहे हैं.
इसके अलावा, मणिपुर में हो रही हिंसा और राष्ट्रपति शासन पर भी संसद में बहस हो सकती है. गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर संसद में प्रस्ताव पेश कर सकते हैं, ताकि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए संसद की मंजूरी मिल सके. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मणिपुर का बजट पेश करेंगी, क्योंकि 13 फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है.
विपक्ष ने ट्रंप द्वारा दी गई रेसिप्रोकल टैरिफ की धमकी को भी प्रमुख मुद्दा बनाने की योजना बनाई है. कांग्रेस ने इसे लेकर द्विपक्षीय सामूहिक संकल्प की आवश्यकता बताई है.
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है. विपक्ष सरकार को घेरने के लिए विभिन्न मुद्दों का सहारा लेगा, जबकि सरकार इन मुद्दों को पारित करने के लिए प्रयासरत रहेगी.
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