Pawan Khera Assam Police raid passport controversy: राजधानी दिल्ली में मंगलवार की दोपहर उस वक्त सियासी सरगर्मी बढ़ गई, जब असम पुलिस की एक टीम भारी लाव-लश्कर और दिल्ली पुलिस के साथ कांग्रेस के फायरब्रांड नेता पवन खेड़ा के आवास पर पहुंच गई. यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब पवन खेड़ा घर पर मौजूद नहीं थे. दिलचस्प बात यह है कि पुलिस के पहुंचने से कुछ ही घंटे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक तीखा बयान देते हुए कहा था, “मैं पवन खेड़ा को ‘पवन पेड़ा’ बना दूंगा, बस कुछ दिन इंतजार कीजिए.” मुख्यमंत्री की इस ‘पेड़ा’ वाली चेतावनी के तुरंत बाद पुलिस का एक्शन शुरू हो गया.
असम पुलिस जब पवन खेड़ा के दरवाजे पर दस्तक देने पहुंची, तो पता चला कि वे घर पर नहीं हैं. इस पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने तंज कसते हुए कहा, “कल तक वह सीना ठोककर कह रहे थे कि मुझे गिरफ्तार करो, लेकिन आज जब पुलिस उनके घर पहुंची तो वे हैदराबाद चले गए. हमारे हिसाब से पवन खेड़ा भाग खड़े हुए हैं. पुलिस की यह छापेमारी गुवाहाटी में दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई है, जिसमें खेड़ा पर मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ फर्जी और अपमानजनक आरोप लगाने का दावा किया गया है.
गौरतलब रहे हाल ही में सुबह मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम सरमा ने कहा था कि ‘मैं पवन खेड़ा को पवन पेड़ा बना दूंगा’, कुछ दिन इंतजार कीजिए. जिसके बाद असम पुलिस ने उनके घर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके बाद सियासी विवाद और गहरा गया है.
इस पूरे संग्राम की जड़ वह प्रेस कॉन्फ्रेंस है, जिसमें पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी पर ‘तीन विदेशी पासपोर्ट’ रखने का गंभीर आरोप लगाया था. कांग्रेस नेताओं का दावा था कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं. हालांकि, असम सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राज्य की छवि खराब करने की साजिश बताया है. इसी मामले में कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए असम पुलिस अब पवन खेड़ा की तलाश में दिल्ली तक पहुंच गई है.
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पवन खेड़ा के घर पुलिस पहुंचने के बाद कांग्रेस ने इसे ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करार दिया है. पार्टी का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए मुख्यमंत्री पुलिस का दुरुपयोग कर रहे हैं. वहीं, असम पुलिस का कहना है कि वे केवल कानून के तहत अपनी जांच पूरी करने आए थे. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पवन खेड़ा हैदराबाद से लौटने के बाद पुलिस के सामने पेश होते हैं या यह विवाद कोर्ट की चौखट तक पहुंचेगा. फिलहाल, ‘पेड़ा’ और ‘पासपोर्ट’ के इस खेल ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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