देश

‘रिफॉर्म मजबूरी नहीं, हमारी ज़िद है…’, मेक इन इंडिया का मज़ाक उड़ाने वालों को पीएम मोदी ने कैसे दिया जबाब?

PM Modi address in Global Leaders Forum: ग्लोबल लीडर्स फोरम के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास और अर्थव्यवस्था को लेकर ऐसा दमदार भाषण दिया कि दुनियाभर के दिग्गज सुनते रह गए. दुनिया में जहां आर्थिक संकट और युद्ध के हालात हैं, वहीं पीएम मोदी ने डंके की चोट पर कहा कि भारत आज पूरी दुनिया के लिए तरक्की का चमकता हुआ केंद्र बन चुका है.

लाल किले से दिए अपने ‘सप्त धाराओं’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए पीएम ने साफ कर दिया कि भारत में रिफॉर्म कोई मजबूरी में उठाया गया कदम नहीं है बल्कि यह देश का कमिटमेंट और ज़िद है. इसके साथ ही उन्होंने पुरानी सरकारों के उस सोच पर भी करारा तमाचा जड़ा जिसने देश के प्रोडक्शन का गला घोंट दिया था!

‘रिफॉर्म हमारी मजबूरी नहीं, कमिटमेंट है…'(PM Modi Global Leaders Forum)

ET के ग्लोबल लीडर्स फोरम में पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है. जब दुनिया संसाधनों को हथियार बना रही है, तब भारत ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ के जरिए अपने भविष्य को सुरक्षित कर रहा है.

पीएम ने कहा कि रिफॉर्म हमारे लिए कोई पॉलिटिकल कम्पल्शन (मजबूरी) नहीं है, यह हमारा कमिटमेंट और कन्विक्शन है. सरकार केवल रेगुलेशन नहीं बदल रही, बल्कि पूरे सिस्टम की सोच बदल रही है ताकि आम जनता की जिंदगी आसान हो सके.

‘हमने संसद में पास करा दिया बड़ा बिल’

विपक्ष के रवैये पर सीधा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र में जब विपक्षी दल लगातार गतिरोध और हंगामा करने में व्यस्त थे, तब भी उनकी सरकार ने देश के काम को रुकने नहीं दिया. उन्होंने बताया कि हंगामे के बीच भी सरकार ने ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026’ जैसे महत्वपूर्ण कानून को संसद से पास कराया. पीएम ने संदेश दिया कि देश के विकास की रफ्तार किसी के सियासी ड्रामे की वजह से थमने वाली नहीं है.

यह भी पढ़ें: ‘जब दुनिया बोले स्पेस, तो सामने आए भारत’: सेवा तीर्थ से पीएम मोदी ने भरी हुंकार

विपक्ष के पुरखों का खोला पुराना कच्चा-चिट्ठा

भाषण के दौरान पीएम मोदी ने एक ऐसा शब्द उछाला जिसने सबको हैरान कर दिया-‘PLP’. पीएम ने समझाया कि आज उनकी सरकार कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए PLI (प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव) दे रही है, लेकिन एक दौर वो था जब देश में ‘PLP’ (प्रोडक्शन लिंक पनिशमेंट) चलता था.

पीएम ने कहा कि पुरानी सरकारों की विकृत मानसिकता थी कि मेक इन इंडिया का मज़ाक उड़ाया जाए और देश में जरूरी सामानों की किल्लत बनी रहे. अगर कोई कंपनी तय लिमिट से ज्यादा सामान बना लेती थी, तो उसे सरकार सजा और लीगल नोटिस दे देती थी, जिससे कंपनियों को खुद अपना सामान नष्ट करना पड़ता था.

-भारत एक्सप्रेस

 

Rohit Agrawal

Recent Posts

सत्ता का सेमीफाइनल: UP MLC चुनाव के लिए सपा-भाजपा में आर-पार की जंग, जानें कहां फंसा पेंच?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनावी मुकाबले में भाजपा और समाजवादी…

12 minutes ago

Panchang: एकादशी व्रत का पारण आज, ध्रुव योग और पंचक के साये में जानें आज के शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज 23 अक्टूबर 2026 को पापांकुशा एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा. पंचांग के अनुसार,…

1 hour ago

मेष राशि वाले कामकाज में जल्दबाजी से बचें, बढ़ सकते हैं खर्च; जानें करियर, प्रेम और सेहत का हाल

Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: आज मेष राशि के जातकों को करियर में नई जिम्मेदारियां मिल…

2 hours ago