प्रधानमंत्री मोदी ने पिपरहवा बुद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया
Buddhist Artifacts: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 3 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में पिपरहवा के पवित्र बुद्ध अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. यह प्रदर्शनी “द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन” नाम से राय पिथोरा कल्चरल कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई है. पीएम मोदी ने इस मौके पर संबोधन दिया और अवशेषों को देखा. उन्होंने एक पौधे पर पानी भी डाला, जो बोधि वृक्ष का प्रतीक था. तस्वीरों में पीएम को लोगों से बात करते, अवशेषों को देखते और मंच पर बोलते हुए दिखाया गया है.
ये पवित्र अवशेष महात्मा बुद्ध से जुड़े हैं, जो उत्तर प्रदेश के पिपरहवा में 1898 में खोजे गए थे. ये 127 साल बाद भारत लौटे हैं. पहले ये विदेश में रखे गए थे, लेकिन अब भारत की धरोहर के रूप में वापस आए हैं. मोदी ने कहा कि यह गर्व और श्रद्धा का पल है. यह अवशेष भारत की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं. प्रदर्शनी में अवशेषों को कांच के मामलों में रखा गया है, जहां लोग उन्हें देख सकते हैं और आशीर्वाद ले सकते हैं.
उद्घाटन के दौरान मोदी ने कहा कि 165 साल की प्रतीक्षा के बाद भारत की विरासत वापस आई है. उन्होंने बताया कि 2026 का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम बुद्ध के चरणों से शुरू हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है. मोदी ने सभी को शांति, समृद्धि और अच्छाई की कामना की. उन्होंने कहा कि बुद्ध का ज्ञान पूरी मानवता के लिए है. बुद्ध सबके हैं और सबको जोड़ते हैं. मोदी ने लोगों से अपील की कि वे प्रदर्शनी देखने आएं और बुद्ध के विचारों से जुड़ें.
यह प्रदर्शनी अंतरराष्ट्रीय स्तर की है, जहां विभिन्न देशों से जुड़े अवशेष एक साथ रखे गए हैं. वीडियो में पिपरहवा स्थल, भारतीय झंडा, मूर्तियां और अवशेषों के करीब के दृश्य दिखाए गए हैं. मोदी ने कहा कि भारत राजनीति, कूटनीति और अर्थव्यवस्था से आगे बुद्ध की विरासत का संरक्षक है. यह प्रदर्शनी लोगों को बुद्ध के मार्ग से जोड़ती है. यहां मोमबत्तियां, मूर्तियां और प्राचीन वस्तुएं भी प्रदर्शित हैं.
यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक एकता को दिखाता है. मोदी ने कहा कि ये अवशेष भारत की धरोहर हैं, जो सदियों बाद लौटे हैं. लोगों को इनसे प्रेरणा मिलेगी. प्रदर्शनी में बुद्ध की शिक्षाओं पर पैनल और जानकारी दी गई है. यह आम लोगों के लिए खुली है, ताकि वे इतिहास से जुड़ सकें. मोदी ने इसे जीवन रक्षक विरासत बताया.
पीएम मोदी ने पूरे देश के लोगों से कहा कि वे एक बार यहां आएं और बुद्ध के विचारों से जुड़ें. यह प्रदर्शनी कुछ दिनों तक चलेगी. इससे भारत की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी. कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद थे. यह घटना भारत के लिए गर्व का विषय है.
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