PM Modi NDA Meeting
PM Modi NDA Meeting: एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की हालिया उपलब्धियों, आर्थिक प्रगति, किसानों के हितों, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और संसद के सुचारु संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे. बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें साझा कीं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारत ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. वैश्विक स्तर पर देश की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हुई है और विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रमाण हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी समझौतों में भारतीय किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है.
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा कोई भी मुक्त व्यापार समझौता नहीं करेगी जिससे देश के किसानों को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे. उन्होंने कहा कि हर समझौते पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लिया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि कृषि क्षेत्र और किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें. उनका कहना था कि आर्थिक विकास और वैश्विक व्यापार के साथ-साथ किसानों की समृद्धि सरकार की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है.
बैठक में प्रधानमंत्री ने नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जैसे ही इस घटना की जानकारी सामने आई, सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी. जांच एजेंसियों ने तेजी से काम किया, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की गई.
प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य को किसी भी तरह की अनिश्चितता से बचाने के लिए बिना देरी के दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई. उनका मानना था कि युवाओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों को कानून के तहत सबसे कठोर सजा मिलनी चाहिए. साथ ही उन्होंने इस समस्या को केवल केंद्र या किसी एक राज्य का विषय न मानते हुए इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया. उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य बनाने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं और सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा. इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखने और युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है.
प्रधानमंत्री ने संसद के मानसून सत्र का भी उल्लेख करते हुए एनडीए के सभी सांसदों और सहयोगी दलों से एकजुट होकर सरकार के विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों तथा नीतियों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए.
उन्होंने विपक्षी दलों से भी सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की. प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर सभी सांसदों की साझा जिम्मेदारी बनती है कि संसद को प्रभावी ढंग से चलाने में सहयोग करें. उनका कहना था कि रचनात्मक संवाद और सहयोग की भावना से ही लोकतंत्र मजबूत होगा और देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा.
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बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य केंद्र यही रहा कि सरकार विकास, किसानों के हित, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती- इन सभी क्षेत्रों में समान प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए सभी राजनीतिक दलों और राज्यों को मिलकर देश को आगे ले जाने के लिए साझा प्रयास करने होंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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