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पीएम आवास के बाहर बवाल; राहुल गांधी और अखिलेश यादव हिरासत में, छात्रों के मुद्दे पर सड़क पर उतरा विपक्ष

दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान सियासी घटनाक्रम सामने आया, जब राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करते समय दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

दिल्ली में आज (मंगलवार) को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दोनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकने की कोशिश बताया, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने अपना कदम उठाया.

दरअसल, कांग्रेस ने यह प्रदर्शन छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया था. पार्टी का कहना था कि सरकार को छात्रों की परेशानियों और उनकी मांगों पर जवाब देना चाहिए. कांग्रेस के मुताबिक, युवाओं और छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यह प्रदर्शन विपक्षी दलों के संसद मार्च के एक दिन बाद किया गया, जिसके जरिए विपक्ष केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.

10, राजाजी मार्ग से शुरू हुआ यह मार्च पैदल चलते हुए 7, लोक कल्याण मार्ग की ओर बढ़ा, जहां प्रधानमंत्री आवास स्थित है. करीब एक किलोमीटर लंबे इस रास्ते में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की.

जैसे ही मार्च प्रधानमंत्री आवास के नजदीक पहुंचा, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इलाके में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और कुछ अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया.

प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि छात्रों से जुड़े मुद्दे केवल किसी एक समूह की चिंता नहीं हैं, बल्कि देश के हर परिवार से जुड़े हुए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया. पार्टी नेताओं का कहना है कि वे छात्रों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहेंगे.

राहुल गांधी और अखिलेश यादव की हिरासत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई. पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया और इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बताया है.

वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने का संकेत मिल रहा हैं.

दिल्ली में हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर विपक्ष की रणनीति और सरकार के खिलाफ उसके आंदोलन को चर्चा के केंद्र में ले आया है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना है.

ये भी पढ़ें- ‘छात्रों की आवाज को नजरअंदाज करना गलत’, राहुल गांधी ने देशवासियों से की धरने में शामिल होने की अपील

-भारत एक्सप्रेस



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