नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम मोदी ने शेयर किया मां दुर्गा का भजन
PM Modi shares Durga bhajan: नवरात्रि के पावन दिनों में देशभर में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जा रही है. गुरुवार को नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की गई. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देवी को नमन किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मां दुर्गा की महिमा का गुणगान करने वाले भजन का यूट्यूब लिंक साझा किया. साथ ही उन्होंने हर परिवार में प्रेम, स्नेह और सौहार्द बने रहने की कामना की.
पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता के पूजन-अर्चन को समर्पित है. उन्होंने कामना की कि ममता और वात्सल्य की देवी मां के आशीर्वाद से हर परिवार में हमेशा आपसी प्रेम और सद्भाव बना रहे. उनकी इस पोस्ट में देवी के प्रति श्रद्धा के साथ परिवारों में सुख-शांति की कामना भी नजर आई.
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बालचंद्र प्रभु की आवाज में गाया गया भजन ‘विजया दुर्गा’ साझा किया. इस भजन में मां दुर्गा की शक्ति, महिमा और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन किया गया है. इसमें देवी को दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षा करने वाली शक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है.
इससे पहले पीएम मोदी ने मां दुर्गा की स्तुति में संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया था. श्लोक है, “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।” इसका सरल अर्थ है कि जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में विद्यमान हैं, उन्हें बार-बार नमस्कार है.
नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता के पूजन-अर्चन को समर्पित है। ममता और वात्सल्य की देवी मां के आशीर्वाद से हर परिवार में सदैव स्नेह और सौहार्द बना रहे, यही कामना है।
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— Narendra Modi (@narendramodi) October 15, 2026
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नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है. स्कंद की माता होने के कारण देवी का नाम स्कंदमाता पड़ा.
मां की प्रतिमा में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय उनकी गोद में विराजमान दिखाई देते हैं. देवी सिंह पर सवार होती हैं और कमल के आसन पर विराजमान रहने के कारण उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है. उनकी चार भुजाएं हैं. दो हाथों में कमल के फूल होते हैं, जबकि अन्य हाथों में वरमुद्रा या अभयमुद्रा दिखाई देती है.
-भारत एक्सप्रेस
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