प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय तूफानी दौरे पर हैं. शनिवार को जैसे ही वे चेन्नई पहुंचे, उनका भव्य स्वागत हुआ. राज्यपाल आरएन रवि से लेकर स्थानीय भाजपा और एआईएडीएमके के बड़े नेताओं ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की. पीएम मोदी का यह दौरा काफी व्यस्त रहने वाला है, जिसमें विकास कार्यों का शिलान्यास, जनसभाएं और आस्था की डुबकी यानी धार्मिक दर्शन सब कुछ शामिल है.
प्रधानमंत्री के इस दौरे का मुख्य फोकस दक्षिण भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है. वे कुल 7000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. अगर हम पुडुचेरी की बात करें, तो वहां करीब 2,700 करोड़ रुपये की योजनाएं शुरू की जाएंगी, जो वहां की आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं की कायापलट कर देंगी.
वहीं, रविवार को जब वे मदुरै पहुंचेंगे, तो वहां 4,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन होगा. इसमें मड़क्कणम-पुडुचेरी और परमाकुडी-रमनाथपुरम जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाले नए चार-लेन हाईवे भी शामिल हैं. इन सड़कों के बनने से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी पंख लगेंगे.
आम आदमी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी ‘अमृत भारत योजना’ के तहत आई है. पीएम मोदी तमिलनाडु के 8 बड़े रेलवे स्टेशनोंज मोरप्पुर, बॉमिडी, श्रीविल्लीपुथुर, चोलावंदन, मनप्पराई, पोल्लाची जंक्शन, कराइकुडी जंक्शन और तिरुवरूर जंक्शन का कायाकल्प करके उन्हें जनता को समर्पित करेंगे. साथ ही, कुंभकोनम, येरकौद और वेल्लोर में तीन नए ऑल इंडिया रेडियो एफएम रिले ट्रांसमीटर भी लॉन्च किए जाएंगे, जिससे दूर-दराज के इलाकों में सूचना और मनोरंजन की पहुंच और बेहतर हो जाएगी.
विकास के एजेंडे के साथ-साथ पीएम मोदी अपनी आस्था का भी परिचय देंगे. रविवार दोपहर करीब 4 बजे वे ऐतिहासिक ‘तिरुप्परंकुंद्रम सुभ्रमण्य स्वामी मंदिर’ में दर्शन करेंगे. भगवान मुरुगन के छह प्रमुख मंदिरों में से एक होने के नाते यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक महत्व का भी केंद्र है.
विशेषज्ञों की मानें तो पीएम का यह दौरा महज सरकारी विकास तक सीमित नहीं है. तमिलनाडु में बढ़ती चुनावी सरगर्मियों के बीच, प्रधानमंत्री का यह जनसंपर्क अभियान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक तरफ जहां वे जनता के बीच जाकर सीधे संवाद कर रहे हैं.
वहीं दूसरी तरफ वे यह संदेश भी दे रहे हैं कि केंद्र सरकार दक्षिण के राज्यों के विकास के प्रति कितनी गंभीर है. राजभवन में रात्रि विश्राम और अगले दिन की व्यस्त दिनचर्या यह साफ बताती है कि आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा अपनी पैठ को और मजबूत करने की कोशिश में है.
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-भारत एक्सप्रेस
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