आज (8 दिसंबर) को संसद में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ (Vande Mataram 150 Years) पर चर्चा की जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने सबसे पहले इस चर्चा की शुरुआत की. उसके बाद विपक्ष की ओर से नेतृत्व कर रहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने इस चर्चा को बहस का नाम दे दिया.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने वंदे मातरम् की चर्चा को सरकार के लिए फायंदेमंद बताया. उन्होंने, बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल चुनाव को देखते हुए यह चर्चा रखी गई है. कांग्रेस पार्टी ने X पर लिखा, “आज सदन में ‘वंदे मातरम्’ पर बहस की दो वजहें हैं. पहला बंगाल में चुनाव आने वाला है. ऐसे में हमारे प्रधानमंत्री महोदय अपनी भूमिका बनाना चाहते हैं. जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, देश के लिए कुर्बानियां दीं, ये सरकार उन पर नए आरोप लादने का मौका चाहती है. ऐसा कर मोदी सरकार देश का ध्यान जनता के जरूरी मुद्दों से भटकाना चाहती है.”
प्रियंका गांधी ने कहा कि, ” वंदे मातरम् के स्वरुप पर सवाल उठाना, जिसे संविधान सभा ने स्वीकार किया, उन महापुरुषों का अपमान है, जिन्होंने अपने महान विवेक से यह निर्णय लिया. यह एक संविधान विरोधी मंशा को भी उजागर करता है.” प्रियंका ने सरकार को घेरते हुए कहा, “क्या सत्ता पक्ष के साथी इतने अहंकारी हो गए हैं, जो खुद को- महात्मा गांधी जी, टैगोर जी, राजेंद्र प्रसाद जी, अंबेडकर जी, मौलाना आजाद जी, सरदार पटेल जी, सुभाषचंद्र बोस जी से बड़ा समझने लग गए हैं.”
प्रधानमंत्री के टुकड़े-टुकड़े वाले बयान का पलटवार करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा,” प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यह कहना कि राष्ट्रीय गीत को एक विभाजनकारी सोच द्वारा काटा गया, उन सभी महापुरुषों का अपमान है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की आजादी की लड़ाई में झोंक दिया. ”
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राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका पर सोमवार (8 दिसंबर 2025) को लोकसभा में चर्चा चल रही है. वंदे मातरम् गीत बंगाल के स्वतंत्रता सेनानी और लेखक बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. इसी साल इसके 150 वर्ष पूरे हुए हैं, जिसके उपलक्ष्य में संसद के चालू शीतकालीन सत्र में कुछ विशिष्ट विषयों, मुख्य रूप से ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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