Jagannath Rath Yatra 2025: पुरी की ऐतिहासिक रथ यात्रा का अद्भुत और भक्तिमय वातावरण आज उस समय और गरिमामय हो गया जब अडानी समूह ने इस पवित्र उत्सव में अपनी पूरी निष्ठा से सहयोग दिया. आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर प्रारंभ हुए इस महापर्व में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के भव्य रथों के दर्शन करने पहुंचे.
अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने आज सुबह 09:37 बजे सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने लिखा, “महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की असीम कृपा से, हमें पुरी धाम की पावन रथयात्रा में सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है.” उन्होंने इसे केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, सेवा और समर्पण का उत्सव बताया और कहा कि अडानी परिवार पूरे मन से श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा रहेगा.
पुरी रथ यात्रा 2025 में अडानी समूह की भागीदारी उनकी पूर्व सेवाभावी पहलों की कड़ी है. हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ 2025 में ‘महाप्रसाद सेवा’ के तहत 50 लाख श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया गया था. इस बार पुरी में ‘प्रसाद सेवा’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत सभी भक्तों को स्वच्छ, पौष्टिक और स्नेहपूर्वक तैयार भोजन वितरित करने का संकल्प लिया गया है. गौतम अडानी ने कहा, “हर भक्त को स्वच्छ, पौष्टिक और प्रेमपूर्वक परोसा गया भोजन मिले, इसी संकल्प के साथ पुरी धाम में हमने ‘प्रसाद सेवा’ आरंभ की है.”
इस प्रयास के तहत स्थानीय प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को ताजगी से भरपूर शरबत और प्रसाद वितरित किया जाएगा.
आज का मुख्य आकर्षण तीन दिव्य रथों – नंदिघोष (भगवान जगन्नाथ), तालध्वज (बलभद्र) और दर्पदलन (सुभद्रा) की भव्य यात्रा रही. पुरी की बड़ी सड़क पर रंग-बिरंगे और नक्काशीदार रथों को खींचने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े. “जय जगन्नाथ” के जयकारों के बीच हजारों लोगों ने रथ की रस्सियां खींचीं. यह परंपरा आठ सौ वर्षों से चली आ रही है और इसे भगवान के गोंडिचा मंदिर तक के शुभ गमन का प्रतीक माना जाता है.
पीछे जगन्नाथ मंदिर का विराट शिखर इस महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा रहा था. स्कंद पुराण में वर्णित यह यात्रा बारह रथयात्राओं में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें भारत ही नहीं, दुनियाभर से भक्त आते हैं.
गौतम अडानी ने इस सेवा भावना को उजागर करते हुए कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है और सेवा ही साधना है.” उन्होंने स्वयं को इस पवित्र भूमि पर एक साधारण सेवक बताते हुए गर्व व्यक्त किया. अडानी समूह के कर्मचारी और उनके परिजन भी इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं. सोशल मीडिया पर इस पहल को काफी सराहना मिली. कई उपयोगकर्ताओं ने “जय जगन्नाथ” के संदेश और आभार व्यक्त किए. हालांकि कुछ लोगों ने समूह की अन्य व्यवसायिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए, लेकिन वे चर्चाएं इस अवसर से असंबंधित थीं.
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने अडानी समूह की इस पहल की प्रशंसा की और इसे रथ यात्रा की गरिमा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण बताया. अगले कुछ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में अडानी समूह का सहयोग लाखों श्रद्धालुओं के अनुभव को और सहज बनाएगा. रथ अब अपने गोंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान कर चुके हैं और पुरी की पवित्र धरा “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी नारों से गूंज रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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