Bihar Politics: बिहार की राजनीति में आज वह दिन आ गया है जिसकी चर्चा लंबे समय से हो रही थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों पर आज विराम लगने की पूरी संभावना है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोपहर 12 बजे पटना पहुंच रहे हैं, जहाँ उनकी मौजूदगी में नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे. इस बड़े घटनाक्रम ने राज्य में भारी सियासी हलचल पैदा कर दी है.
जैसे ही नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य की राजनीति से विदा लेने की खबर पुख्ता हुई, जदयू कार्यकर्ताओं का सब्र टूट गया. सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर सैकड़ों जदयू कार्यकर्ता जमा हैं और ‘नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे’ के नारे लगा रहे हैं.
हंगामे को देखते हुए सीएम हाउस के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद मौके पर मौजूद हैं और आक्रोशित कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं. जदयू एमएलसी संजय सिंह ने साफ कहा कि बिहार को अभी नीतीश जी की जरूरत है.
गृह मंत्री अमित शाह का यह दौरा महज एक नामांकन कार्यक्रम तक सीमित नहीं है. इसे बिहार में भाजपा के ‘एकल राज’ की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है. अमित शाह की उपस्थिति यह दर्शाती है कि नीतीश कुमार का केंद्र की राजनीति में जाना भाजपा और जदयू के बीच एक उच्च-स्तरीय समझौते का हिस्सा है. नामांकन के बाद शाह भाजपा कोर ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. इसमें नीतीश के बाद बिहार की कमान किसके हाथ में होगी और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा का क्या रोडमैप होगा, इस पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार नितिन नवीन ने आज सुबह ही पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. वे अमित शाह के साथ ही नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. नामांकन के दौरान एनडीए के सभी विधायकों को पटना तलब किया गया है ताकि गठबंधन की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन किया जा सके.
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जदयू ने जहां अपने सोशल मीडिया पर सामाजिक समरसता की बात कर माहौल को शांत करने की कोशिश की है, वहीं कैबिनेट मंत्री विजय कुमार चौधरी ने यह कहकर सस्पेंस बरकरार रखा है कि “अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को ही लेना है.” हालांकि, अमित शाह की पटना में लैंडिंग और नामांकन की तैयारियों ने यह लगभग साफ कर दिया है कि बिहार की कमान अब किसी नए चेहरे के हाथ में होगी और नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करेंगे.
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