Ravneet Singh Bittu
Ravneet Singh Bittu: दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व में Punjab 95) रिलीज के बाद से ही राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में है. फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके उस संघर्ष पर आधारित है, जिसमें उन्होंने 1980 और 1990 के दशक के दौरान पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और अवैध अंतिम संस्कारों के मुद्दे का पर्दाफाश किया था. फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म ( Zee5) से हटने के बाद विवाद और गहरा गया. इसी बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म, अभिनेता दिलजीत दोसांझ और पूरे विवाद पर कई बयान दिए. उनके इन दावों ने नई राजनीतिक बहस को जन्म दिया. ऐसे में सवाल उठता है कि बिट्टू ने क्या कहा और उनके दावों क्या तथ्यों की पुष्टि करते हैं?
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास को एकतरफा नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. पंजाब को ‘आधा सच नहीं, बल्कि पूरा सच’ जानने का अधिकार है. बिट्टू ने कहा कि फिल्म पंजाब में उग्रवाद के दौर की एकतरफा तस्वीर पेश करती है. उनके अनुसार, इस दौर को समझने के लिए सिर्फ राज्य की कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवादी संगठनों द्वारा की गई हिंसा को भी याद रखना जरूरी है.
— Ravneet Singh Bittu (@RavneetBittu) July 9, 2026
उन्होंने कहा कि हिंसा का कोई धर्म या समुदाय नहीं होता. उग्रवाद के दौरान पुलिसकर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भी जान गई. उनके मुताबिक, इतिहास में सभी पीड़ितों को याद किया जाना चाहिए.
फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है. खालड़ा ने पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और गुमशुदगियों का मुद्दा उठाया था.
बिट्टू ने सवाल किया कि अगर उस समय सरकार असहमति को दबा रही थी, तो खालड़ा अपना काम कैसे कर पाए और विदेश यात्रा भी कैसे कर पाए. उन्होंने कहा कि इस सवाल का भी ईमानदारी से जवाब मिलना चाहिए.
रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने दादा और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की विरासत का बचाव किया. उन्होंने कहा कि बेअंत सिंह को ऐसा पंजाब मिला था जो हिंसा से जूझ रहा था और उनकी सरकार की प्राथमिकता शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना था. उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपायों के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया और स्थानीय चुनाव कराए गए.
ये भी पढ़ें- अभिषेक बंटी आउट, नीरज सिन्हा इन! बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने चला नया दांव
बिट्टू ने कहा कि पंजाब की असली जीत शांति और लोकतंत्र की वापसी है. उन्होंने कहा कि इतिहास पर बहस हो सकती है, लेकिन हिंसा का महिमामंडन नहीं होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब का भविष्य रोजगार, शिक्षा और स्थिरता पर केंद्रित होना चाहिए, न कि पुराने घावों को फिर से खोलने पर.
(यह खबर सौम्या सिंह ने लिखी है. सौम्या भारत एक्सप्रेस में इंटर्न के रूप में काम कर रही हैं.)
Premanand Maharaj Ashram: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केली कुंज आश्रम से…
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी दो साल का समय बाकी है, लेकिन बीजेपी और…
Sherlyn Chopra CJP Protest: एक्ट्रेस और मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने मुंबई में आयोजित कॉकरोच जनता…
Vladimir Putin Nuclear Warning: यूक्रेन जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक…
अयोध्या राम मंदिर में 4 करोड़ रुपये का चेक बाउंस होने के बाद ट्रस्ट ने…
Captain Smit Machchhar: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जो हुआ, उसने कई लोगों को 1986…