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गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ी बनी चर्चा का विषय, हर साल दिखा अलग अंदाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) गणतंत्र दिवस पर हमेशा अपनी पगड़ी से खास पहचान बनाते हैं. 2015 में बतौर प्रधानमंत्री अपने पहले गणतंत्र दिवस पर उन्होंने रंग-बिरंगी राजस्थानी बांधनी प्रिंट की पगड़ी और काले रंग का सूट पहना था. इसके बाद हर साल उनकी पगड़ी का रंग और स्टाइल चर्चा में रहा.

2016 से 2019 तक का सफर

2016 में पीएम मोदी (PM Modi) चमकदार पीली पगड़ी में दिखे, जिस पर लाल धारियां थीं. 2017 में उन्होंने गुलाबी साफा पहना, जिस पर सिल्वर रंग की क्रॉस लाइनें थीं. 2018 में उनकी पगड़ी मल्टीकलर थी, जबकि 2019 में उन्होंने पीले रंग का साफा चुना जिसमें लाल रंग की झलक भी थी.

2020 और 2021 की झलक

2020 में प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने केसरिया रंग का ‘बंधेज’ साफा बांधा. 2021 में वे लाल रंग की हलारी पगड़ी में नजर आए, जिस पर पीले रंग के डॉट्स बने थे. यह पगड़ी उन्हें जामनगर के शाही परिवार की ओर से भेंट की गई थी.

2022 से 2025 तक का अंदाज

2022 में पीएम मोदी (PM Modi) ने पगड़ी की जगह उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी पहनी. ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है और इस टोपी ने सबका ध्यान खींचा. 2023 में वे फिर से बहुरंगी राजस्थानी पगड़ी में दिखे. 2024 में उन्होंने बांधनी पगड़ी पहनी और 2025 में उनकी पगड़ी में केसरिया रंग की खास झलक देखने को मिली.

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पगड़ी बनी पहचान

हर साल गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी (PM Modi) की पगड़ी उनके व्यक्तित्व और परंपरा का अनोखा मेल दिखाती है. यही वजह है कि उनकी पगड़ी का चुनाव हमेशा चर्चा का विषय बन जाता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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