देश

दिल्ली में संत ईश्वर सम्मान 2026 का भव्य आयोजन: 18 सेवा साधकों को मिला सम्मान, कैप्टन स्मित मच्छार को विशेष पुरस्कार

कोमल शर्मा, भारत एक्सप्रेस


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर हॉल में ‘संत ईश्वर सम्मान 2026’ के 11वें वार्षिकोत्सव का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ. इस राष्ट्रीय समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में मूक एवं निःस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे 18 कर्मठ सेवा साधकों और संस्थाओं को उनके अप्रतिम योगदान के लिए संत ईश्वर सम्मान से विभूषित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सेवा और समर्पण की भारतीय परंपरा को रेखांकित करते हुए सभी पुरस्कार विजेताओं का अभिनंदन किया.

‘सेवा हमारी शाश्वत परंपरा’: उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

समारोह को संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि सेवा भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन की मूल आत्मा है. उन्होंने कहा कि जो विभूतियां बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के समाज, वंचित वर्ग और राष्ट्र की उन्नति के लिए अपना जीवन समर्पित करती हैं, उन्हें सम्मानित करना वास्तव में समूचे समाज का सम्मान है. संत ईश्वर सम्मान का मुख्य ध्येय अनुसंधान, कला, संस्कृति, शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट व निःस्वार्थ कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को मुख्यधारा में पहचान दिलाना है.

174 यात्रियों की जान बचाने वाले पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को सम्मान

इस वर्ष का ‘संत ईश्वर विशेष सम्मान’ अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक बने कैप्टन स्मित मच्छार को प्रदान किया गया. कैप्टन मच्छार ने गंभीर आपातकालीन स्थिति में अपनी जान की परवाह किए बिना असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया और विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाई. समारोह में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री सुनील देवधर सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं, जिन्होंने पुरस्कार विजेताओं के सेवा कार्यों की सराहना की.

11 वर्षों में 168 सेवा साधकों और संस्थाओं की साधना को नमन

संत ईश्वर सम्मान फाउंडेशन के डायरेक्टर कपिल खन्ना ने बताया कि फाउंडेशन विगत 11 वर्षों से देश के सुदूर और दुर्गम अंचलों में छिपी सेवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है. अब तक देश के कोने-कोने से निःस्वार्थ सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में जुटे कुल 168 सेवा साधकों एवं संस्थाओं को इस प्रतिष्ठित मंच से सम्मानित किया जा चुका है. यह आयोजन केवल किसी एक उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्र सेवा और मानवीय करुणा की लौ को निरंतर प्रज्वलित रखने का एक सतत और सार्थक अभियान है.

Asian Games 2026 में खत्म हुआ 44 साल का सूखा: भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से मात देकर जीता गोल्ड मेडल

Bharat Express Desk

Recent Posts

‘उड़ता तीर’ से क्यों उडी पाकिस्तान की नींद? वाघा बॉर्डर पर पहुंचे थे आयुष्मान-सारा, PAK ने की शर्मनाक हरकत

फिल्म 'उड़ता तीर' के प्रमोशन के लिए आयुष्मान खुराना और सारा अली खान के अटारी-वाघा…

5 minutes ago

रियलिटी शो या TRP का खेल? क्या युवाओं को बेचा जा रहा है लोकप्रियता का नशा

Reality Show Truth: क्या रियलिटी शो सच में रियल होते हैं? MTV Roadies, ऋतिक वालिया…

34 minutes ago

चीन की सड़कों से अचानक गायब हुए हीरो-हीरोइन के पोस्टर, जानिए क्यों रातों-रात लगा दिए गए वैज्ञानिकों के फोटो

China Science Campaign: चीन के कई बड़े शहरों में प्रमुख सार्वजनिक स्थानों से मशहूर हस्तियों…

1 hour ago

लैब में बन गया असली सोना…पीली धातु में बदल गया मर्करी, क्या कौड़ियों के भाव बिकेने लगेगा गोल्ड?

अमेरिकी स्टार्टअप Marathon Fusion ने न्यूक्लियर फ्यूजन तकनीक से पारे को सोने में बदलने का…

1 hour ago

क्या वैभव सूर्यवंशी की खुलेगी किस्मत? न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 से पहले बाहर हुआ ये खिलाड़ी

IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार शुरुआत करने वाली टीम इंडिया…

2 hours ago

Jio IPO Last Day: पैसा लगाने का आखिरी मौका आज, जानिए लिस्टिंग पर कितना मुनाफा दे सकता है शेयर?

Jio ipo gmp: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ का मेगा…

2 hours ago