देश

विकसित भारत 2047: डिग्री के साथ ‘स्किल’ होने से बदलेगी युवाओं की किस्मत- Bharat Express के कॉन्क्लेव में सतीश आचार्य

देश के उभरते न्यूज नेटवर्क ‘भारत एक्सप्रेस’ ने अपनी स्थापना के तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. इस अवसर पर दिल्‍ली में आयोजित मेगा कॉन्क्लेव में देश की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की. कॉन्क्लेव के दौरान आध्यात्मिक गुरु सतीश आचार्य ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को परम वैभव पर ले जाने के लिए युवाओं को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए.

3 साल का सफर और 30 साल का अनुभव

सतीश आचार्य ने भारत एक्सप्रेस की तीसरी वर्षगांठ पर सीएमडी उपेंद्र राय की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान सत्यता, वास्तविकता और प्रखरता का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने एक दिलचस्प गणित साझा करते हुए कहा कि इन 3 वर्षों के पीछे उपेंद्र राय जी का 30 वर्षों का पत्रकारीय अनुभव छिपा है, जो इसे ‘डबल थ्री’ (33) की शक्ति देता है. उन्होंने कहा कि यह संस्थान सनातन के संवर्धन और देश की वैश्विक संपन्नता के लिए एक नई विचारधारा के साथ काम कर रहा है.

युवाओं के लिए शिक्षा नहीं, ‘स्किल’ जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर चर्चा करते हुए सतीश आचार्य ने युवाओं को एक महत्वपूर्ण मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत के पास बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कें और पैसा होगा, लेकिन इसका लाभ उठाने के लिए युवाओं को आज जागना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को सिर्फ स्कूल-कॉलेज जाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें यह तय करना होगा कि वे क्या और क्यों पढ़ रहे हैं.

हुनरमंद भारत ही बनेगा विकसित भारत

सतीश आचार्य ने स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) को भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बताया. उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्रों में महारत हासिल करें. उन्होंने कहा:

“आज के दौर में केवल डिग्री काफी नहीं है. युवाओं को एसी रिपेयरिंग, मोबाइल मेकिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, ग्राफिक्स, 3D डिजाइनिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट जैसे हुनर सीखने चाहिए. जब युवा हुनरमंद होगा, तभी विकसित भारत का सपना सार्थक होगा.”

भारत एक्सप्रेस मेगा कॉन्क्लेव में सतीश आचार्य का यह संबोधन युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक की तरह रहा. उन्होंने अंत में यह संदेश दिया कि जब हम अपने परिवार और क्षेत्र से ऊपर उठकर देश के बारे में व्यापक सोच रखते हैं, तभी हम विश्व कल्याण की दिशा में कदम बढ़ाते हैं. भारत एक्सप्रेस का यह मंच न केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान बना, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए एक नए चिंतन का केंद्र भी साबित हुआ.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

‘भारत को एकजुट रखने के लिए जरूरी है UCC’: समान नागरिक संहिता पर राष्ट्रीय विमर्श, रिटायर्ड जस्टिस संजय करोल और विशेषज्ञों ने रखे विचार

Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता पर भारत कलेक्टिव फाउंडेशन का राष्ट्रीय सेमिनार हुआ. रिटायर्ड…

32 minutes ago

‘चार बड़े राज्यों में मतपत्रों से हुए एमएलसी चुनाव, कांग्रेस कितनी सीटें जीतीं?’, नतीजों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी का तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हाल ही में संपन्न विधान परिषद चुनावों में एनडीए…

2 hours ago

‘योग-नेचुरोपैथी से नाता जोड़ो, नशा छोड़ो’: नशा मुक्ति के लिए 12 राज्यों के 2000 प्रतिनिधियों ने बनाई मानव श्रृंखला, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

नवी मुंबई के खारघर में आयुष मंत्रालय के सहयोग से 'योग-नेचुरोपैथी के माध्यम से नशामुक्ति'…

2 hours ago

जूता महंगा बताया तो दुकानदार की घसीट-घसीटकर धुनाई, मुजफ्फरनगर के मार्केट में गदर, वारदात CCTV में कैद

Muzaffarnagar Viral Video: मुजफ्फरनगर में जूते के दाम को लेकर व्यापारी और ग्राहकों में जमकर…

2 hours ago