सेबी चीफ के replacement की खोज
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच, जिनका कार्यकाल विवादों और हितों के टकराव के आरोपों से घिरा रहा है, को सेवा विस्तार मिलने की संभावना नहीं है, क्योंकि वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित करते हुए एक विज्ञापन जारी किया है. माधवी पूरी बुच का कार्यकाल 28 फरवरी को खत्म हो रहा है. हालांकि सरकार ने इस नियुक्ति को लेकर विज्ञापन तो जारी कर दिया है लेकिन सियासी गलियारों में देबाशीष पांडा(IRDA),अजय सेठ(सचिव डिपार्टमेंट ऑफ इकनोमिक अफेयर्स),और दिनेश खारी(पूर्व SBI अध्यक्ष) के नामों पर चर्चा चल रही है. डिपार्टमेंट ऑफ इकनोमिक अफेयर्स के फाइनेंसियल मार्किट डिवीज़न की तरफ से जारी विज्ञापन में कहा, “भारत सरकार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) में अध्यक्ष के पद को भरने के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित करती है.” आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 17 फरवरी, 2025 है.
नए आवेदन में सरकार ने पांच साल का कार्यकाल देने की पेशकश की है. विज्ञापन में कहा गया है, “नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से अधिकतम पांच साल की अवधि के लिए या नियुक्त व्यक्ति की 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, के लिए की जाएगी. बुच का तीन साल का कार्यकाल, जो भारत के शेयर बाजार नियामक की पहली महिला अध्यक्ष और पहली निजी क्षेत्र की प्रमुख हैं, 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है. 2 मार्च, 2022 को सेबी अध्यक्ष की भूमिका संभालने से पहले, बुच ने अप्रैल 2017 से फरवरी 2022 तक पांच साल के लिए बाजार नियामक के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्य किया. वह एक दशक से अधिक समय में विस्तार न पाने वाली पहली सेबी अध्यक्ष होंगी. दरअसल उनका पूरा कार्यकाल विवादों के घेरे में रहा जिसके चलते लगता है सरकार ने उन्हें एक्सटेंशन ना देने का मन बना लिया है.
1.हिंडनबर्ग का आरोप- अडाणी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में SEBI चीफ की हिस्सेदारी
2.अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने शनिवार (19 अगस्त) की रात 9:57 बजे एक रिपोर्ट जारी की. इसमें दावा किया गया था कि SEBI चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अडाणी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में हिस्सेदारी है.
3.व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों के आधार पर हिंडनबर्ग ने दावा किया कि बुच और उनके पति की मॉरीशस की ऑफशोर कंपनी ‘ग्लोबल डायनामिक अपॉर्च्युनिटी फंड’ में हिस्सेदारी है.
4.हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि ‘ग्लोबल डायनामिक अपॉर्च्युनिटी फंड’ में कथित तौर पर अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी के भाई विनोद अडाणी ने अरबों डॉलर निवेश किए हैं. इस पैसे का इस्तेमाल अडाणी ग्रुप के शेयरों के दामों में तेजी लाने के लिए किया गया था.
बुच 16 मार्च 2022 तक एगोरा पार्टनर्स सिंगापुर की 100% शेयरधारक बनी रहीं और सेबी के मेंबर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वह इसकी मालिक रहीं. सेबी चेयरपर्सन के रूप में नियुक्ति के 2 हफ्ते बाद उन्होंने अपने शेयर अपने पति के नाम ट्रांसफर किए.
5.SEBI चीफ पर कांग्रेस पार्टी ने भी आरोप लगाए थे. कॉग्रेस ने SEBI से जुड़े होने के दौरान ICICI बैंक समेत 3 जगहों से सैलरी लेने का आरोप लगाया था.
हालांकि उनके पूर्ववर्ती अजय त्यागी को दो बार विस्तार दिया गया था – पहला छह महीने के लिए और फिर 18 महीने के लिए. त्यागी ने 1 मार्च, 2017 से 28 फरवरी, 2022 तक पांच साल तक सेबी प्रमुख के रूप में कार्य किया. त्यागी के पूर्ववर्ती यू के सिन्हा ने 18 फरवरी, 2011 से 1 मार्च, 2017 तक छह साल के लिए बाजार नियामक का नेतृत्व किया. सिन्हा को पांच साल के लिए नियुक्त किया गया था और उन्हें एक साल का विस्तार मिला था. सेबी अध्यक्ष की नियुक्ति वित्तीय क्षेत्र विनियामक नियुक्ति खोज समिति (FSRASC) की सिफारिशों पर की जाती है, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं.
विज्ञापन के अनुसार, नए सेबी अध्यक्ष भारत सरकार के सचिव के बराबर वेतन और भत्ते प्राप्त करने या घर और कार के बिना प्रति माह 5.62 लाख रुपये का समेकित वेतन प्राप्त करने के बीच चयन कर सकते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
Sant Ishwar Samman 2026 Delhi: दिल्ली के मावलंकर हॉल में संत ईश्वर सम्मान 2026 आयोजित.…
पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश…
गांधी जयंती पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 'धारावी एक्सपीरियंस सेंटर' का उद्घाटन किया. 22,500 वर्ग…
भोपाल के बीएचईएल मैदान में 3 से 7 अक्टूबर तक नवीन न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी…
India vs Brazil Football Match Kolkata: कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में भारत और ब्राजील…
Premanand Maharaj Ashram: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केली कुंज आश्रम से…