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‘Gen-Z प्रोटेस्ट लेगा जेपी आंदोलन का रूप…’, शंकराचार्य बोले- मांगे तुरंत माने

Swami Avimukteshwaranand In Jabalpur: मध्य प्रदेश के जबलपुर में जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को लेकर बेहद तीखे और दो टूक बयान दिए हैं. उन्होंने युवाओं के ‘जेन जी’ (Gen Z) आंदोलन की तुलना ऐतिहासिक जयप्रकाश नारायण (जेपी) आंदोलन से की है. साथ ही उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है. देश की चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

‘जेन जी की मासूमियत ने बड़े-बड़े राजनीतिक काम कर दिए’

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सरकार के बारे में अक्सर यह दावा किया जाता था कि ऐसी सरकार में किसी से इस्तीफा नहीं लिया जाता. देखिए जेन जी की सादगी और मासूमियत ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि मंत्रियों को भी इस्तीफा देना पड़ा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को राजनीति का चाणक्य समझते हैं, उन्हें शुद्ध हृदय वाले युवाओं से टकराने से बचना चाहिए.

आगे शंकराचार्य ने कहा कि जैसे एक छोटे बच्चे को कांटा चुभने पर वह अपनी पीड़ा व्यक्त करने के लिए रोता है, वैसे ही आज का युवा वर्ग अपनी तकलीफ बयां कर रहा है. सरकार को समय रहते उनकी जायज मांगें मान लेनी चाहिए.

बन सकता है जेपी का आंदोलन

ऐतिहासिक जेपी आंदोलन का जिक्र करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि इस आंदोलन को कुचलने या लंबा खींचने का प्रयास किया गया, तो इससे देश में एक नई राजनीतिक पीढ़ी और नए नेता तैयार हो जाएंगे, जैसा कि 1970 के दशक में देखने को मिला था. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघों पर रोक के कारण राजनीति में आने वाली रुकावटों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह युवा आक्रोश भविष्य की राजनीति की नई इबारत लिख सकता है.

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चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाया जाए

युवाओं के मुद्दों के अलावा शंकराचार्य ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं, विशेषकर चुनाव आयोग पर भी कड़े प्रहार किए. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और उनके सहयोगियों के बीच मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त पर अपने ही लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं, तो ऐसे हालातों में लोकतंत्र की निष्पक्ष रक्षा नहीं की जा सकती. उन्होंने स्पष्ट मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल उनके पद से हटाया जाना चाहिए.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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