देश

बजट सोने का पर काम ‘मिट्टी’: ‘नायक’ की तरह फिल्ड पर उतरे मैनपाट के विधायक, उखड़वाया सड़क से ‘भ्रष्टाचार का डामर’

Road Quality Issue: दिनेश गुप्ता/सुरगुजा: अनिल कपूर की मशहूर फिल्म ‘नायक’ का वो सीन तो आपको याद ही होगा, जिसमें मुख्यमंत्री बने शिवाजी राव मौके पर जाकर अधिकारियों की क्लास लगाते हैं और गलत काम होने पर तुरंत सस्पेंड या सुधार का आदेश देते हैं. कुछ ऐसा ही नजारा छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के मैनपाट ब्लॉक में देखने को मिला. यहां के स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो अपनी जनता के लिए बिल्कुल ‘नायक’ वाले अंदाज में नजर आए.

मामला करोड़ों की लागत से बनी एक सड़क से जुड़ा है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी है. फिर क्या था, विधायक जी ने न आव देखा न ताव, सीधे अधिकारियों को फील्ड पर उतार दिया और साफ कह दिया कि जनता की मेहनत की कमाई से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा.

पीएम जनमन योजना और ‘भ्रष्टाचार’ की डामर

दरअसल, यह पूरा मामला मैनपाट ब्लॉक के कदनई से लोटाभवना तक बनाई गई ढाई किलोमीटर लंबी डामरीकरण सड़क का है. यह सड़क पीएम जनमन योजना के तहत बनाई गई थी, जिसका मकसद दूर-दराज के इलाकों को मुख्य धारा से जोड़ना है. लेकिन, ग्रामीणों का आरोप था कि ठेकेदार और संबंधित विभाग ने गुणवत्ता को ताक पर रख दिया. सड़क इतनी कमजोर बनी कि कुछ ही दिनों में डामर अपनी जगह छोड़ने लगा.

जब ये बात विधायक रामकुमार टोप्पो तक पहुंची, तो उन्होंने इसे महज एक शिकायत नहीं माना, बल्कि तुरंत एक्शन मोड में आ गए. उन्होंने विभाग के बड़े अधिकारियों को मौके पर तलब किया और अपनी मौजूदगी में सड़क की जांच करवाई.

‘दोबारा बनाओ, पर घटिया नहीं चलेगा’

जांच में जब खामियां सामने आईं और सड़क के मानकों में कमी पाई गई, तो विधायक ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए. उन्होंने कहा, “अगर सड़क मानक के अनुरूप नहीं है, तो इसे उखाड़ो.” विधायक के कड़े रुख को देखते हुए विभाग ने तत्काल खराब हिस्से को उखाड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

रामकुमार टोप्पो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जनता का पैसा कीमती है. अगर कहीं भी घटिया निर्माण की शिकायत मिलेगी, तो कार्रवाई ऐसे ही होगी. काम स्टैंडर्ड के हिसाब से नहीं होगा, तो उसे तोड़कर दोबारा बनवाया जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार की नींव पर सड़कें नहीं बनने दी जाएंगी.”

ग्रामीणों में जगी उम्मीद

अक्सर देखा जाता है कि सड़कें बनती हैं और खराब हो जाती हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि मौन रहते हैं. सीतापुर में विधायक के इस ‘स्पॉट फिक्सिंग’ वाले अंदाज ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है. लोगों का कहना है कि अगर हर नेता इसी तरह कड़ाई दिखाए, तो ठेकेदारों के मन में डर रहेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जनता तक पहुंचेगा.

ये भी पढ़ें: सिंगरौली की शान ही बना आफत, घरों में भरा गंदा पानी; लोगों की जान पर आई तो हो गया बवाल

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

अडानी ग्रीन एनर्जी ने बैटरी स्टोरेज में बढ़ाई रफ्तार, 6.63 GWh तक पहुंची क्षमता

Adani Green Energy: अडानी ग्रीन एनर्जी ने गुजरात के खावड़ा में BESS क्षमता बढ़ाकर 6.63…

7 minutes ago

अब हर शनिवार होगा ‘इतवार’! क्या मान ली गई बैंकों की 5 डे वर्किंग वाली बात?

Saturday Bank Holiday Fact Check: सोशल मीडिया पर वित्त मंत्रालय के नाम से एक गजट…

12 minutes ago

जिसे पत्नी पर था भरोसा, उसी ने लिख दी मौत की पटकथा! प्रेमी संग 10 लाख में पति का सौदा

मुजफ्फरनगर में किसान प्रवीण की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी…

28 minutes ago

जंगलों से घिरे बलरामपुर में आई एआई क्रांति..! छत्तीसगढ़ के पहले AI डेटा सेंटर के क्या हैं मायने?

Balrampur AI Center: बलरामपुर जिला प्रशासन ने Prisma AI के साथ Cognitive Data Annotation Center…

30 minutes ago

विधायी विशेषाधिकार मामला: सुभाषिनी अली और PUCL ने SC में दायर की याचिका

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा के बाद पूर्व सांसद सुभाषिनी अली और एनजीओ PUCL ने भी…

45 minutes ago