water floods
Water Floods: सिंगरौली/ शकील अहमद सिद्दीकी: सिंगरौली के महदेइया गांव में बारिश के पानी ने लोगों की मुश्किले बढ़ा दी हैं. बारिश के बाद गांव के कई घरों में गंदा पानी भर गया. तेज लहरों के साथ गंदे पानी से लोग घबराकर इधर-उधर भागते नजर आये. लोगों का आरोप है कि यह स्थिति प्राकृतिक नहीं है, बल्कि कोयला व्यवसाय की वजह से हो रही है. बता दें कि कोयला को सिंगरौली की शान कहा जाता है और इसी की वजह से लोग आज परेशान घूम रहे हैं.
इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि महावीर कोल रिसोर्सेज द्वारा संचालित कोल वाशरी परियोजना के तहत बिजुल टैंकर का पारंपरिक उत्पादन बंद कर दिया गया और उसका रुख बदल दिया गया. आरोप है कि महदेइया रेलवे स्टेशन से बरगवां की ओर जाने वाली रेल लाइन के किनारे खुदाई कर रेल को पाट दिया गया, जिससे बारिश का पानी अब सीधे गांव की ओर आ रहा है. आपको विस्तार में बताते हैं पूरा मामला…
लोगों का जीना हुआ मुहाल
जिले के कोल माइन्स एरिया के माहदेईया गांव में बेमौसम बारिश होते ही ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है. बारिश के बाद महदेइया गांव के लोगों के घरों में कोयले वाला गंदा पानी भर गया. तेजी से उफनाते हुए आई पानी की धार से कुएं में गंदा पानी भर गया. जिसकी वजह से लोग पीने के पानी तक के लिए परेशान हो गए हैं। लोग अपने बचाव के लिए इधर-उधर भागे, गंदे पानी से बचाव के लिए प्रशाशन से गुहार लगाई है.
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स्थानीय लोगों फरवरी से लगा रहे हैं गुहार
आपको बता दें कि जलभराव की यह समस्या नई नहीं है. फरवरी महीने से स्थानीय लोग तब से लगातार गुहार लगा रहे हैं, जब स्थानीय कोयला व्यवसायी महाबीर कोल रिसोर्स (कोल वॉशरी) संचालक ने महदेइया रेलवे स्टेशन से बरगवां की ओर जाने वाली रेल लाइन के किनारे खुदाई की थी. सदियों से परंपरागत रूप से बहने वाले बिजुल नाले को पाट दिया था. उसी बिजुल नाले का रुख मोड़ देने के कारण महदेइया गांव के लोगों के यहां गंदा पानी भर गया है. पीड़ित बृजेंद्र प्रसाद बैस ने बताया कि मेरे ही नहीं, स्थानीय शिव प्रसाद वर्मा, रामप्रसाद बैस, वीरेन्द्र कुमार, श्रीकांत, संतोष कुमार सहित तकरीबन कई लोगों के समक्ष पहुंच मार्ग तक निकास की समस्या है, तो दूसरी तरफ नाले के पानी ने हमारे घरों में आफत मचा दी। उनका कहना है कि अगर स्थिति सही नहीं हुई तो आने वाले दिनों में लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है. मामले को तूल पकड़ता देख अपर कलेक्टर पीएस त्रिपाठी ने जांच के आदेश दिए हैं.
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