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पीएम मोदी के न्योते पर भारत आएंगे स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन, पांच अक्टूबर से तीन दिवसीय दौरा

स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक भारत के दौरे पर रहेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा कई मायनों में अहम मानी जा रही है. खास बात यह है कि 2026 में पार्मेलिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा. इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने भारत आए थे.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस बार राष्ट्रपति पार्मेलिन भारत की पहली राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं. उनके साथ स्विट्जरलैंड के वरिष्ठ अधिकारी और कारोबार जगत के प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय दल भी भारत आएगा. ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सिर्फ कूटनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि व्यापार और कारोबारी सहयोग पर भी खास जोर रहेगा.

पीएम मोदी से होगी द्विपक्षीय बातचीत

5 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक होगी. इस दौरान दोनों नेता भारत और स्विट्जरलैंड के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा करेंगे.

बातचीत के एजेंडे में व्यापार, निवेश, विज्ञान और तकनीक, नवाचार, लोगों की आवाजाही और सांस्कृतिक संबंध जैसे मुद्दे शामिल होंगे. दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर हो रहे घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा होगी.

राष्ट्रपति पार्मेलिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे. राष्ट्रपति मुर्मु उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की भी स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति के साथ बैठक प्रस्तावित है.

इंडिया-ईएफटीए समिट में भी लेंगे हिस्सा

पार्मेलिन का यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक रिश्तों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है. 7 अक्टूबर को वह दूसरे इंडिया-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट में शामिल होंगे. यह कार्यक्रम भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते यानी टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया जा रहा है.

ईएफटीए यानी यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है. इसलिए इस यात्रा के दौरान कारोबारी रिश्तों, निवेश के नए अवसरों और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर खास ध्यान रहने की संभावना है.

पुराने रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध हैं. दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय यात्राओं का भी सिलसिला रहा है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति की स्विट्जरलैंड की आखिरी राजकीय यात्रा 2019 में हुई थी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2016 में स्विट्जरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर गए थे और 2018 में भी उन्होंने वहां का दौरा किया था.

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-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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