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क्या कांग्रेस में होगा TMC का विलय? जयराम रमेश ने बताया सोनिया-ममता की बैठक का पूरा सच

TMC Congress Merger Speculation: तृणमूल कांग्रेस का संकट रुकने का नाम नहीं ले रहा है. जहां एक तरफ इस्तीफों का दौर देखने को मिल रहा है, तो दूसरी ओर बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी के 57 विधायकों ने उनके खिलाफ जाकर नेता प्रतिपक्ष चुन लिया है. हालांकि, इन सारे घटनाक्रमों को देखते हुए यह अटकलें तेज हो गई थीं कि TMC का कांग्रेस में विलय होगा. लेकिन अब इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

जयराम रमेश ने क्या बताया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की हालिया मुलाकात दोनों पार्टियों के विलय से जुड़ी थी.

मंगलवार को हई कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी की बैठक के बाद यह अटकलें तेज हो गई थी कि TMC का विलय कांग्रेस में हो सकता है. लेकिन अब इन सारी अटकलों पर जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “श्रीमती सोनिया गांधी और सुश्री ममता बनर्जी के बीच हुई बैठक के बारे में कुछ समाचार रिपोर्टें पूरी तरह से गलत हैं. बैठक बहुत सौहार्दपूर्ण थी और उनके लंबे संबंधों को देखते हुए कई निजी मामलों पर भी चर्चा हुई.”

बैठक के बाद तेज हुईं अटकलें

नई दिल्ली में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सोनिया गांधी के बीच करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई. यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब दोनों दलों के बीच संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) को मजबूत करने पर चर्चा की. इससे पहले सोमवार को नई दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक हुई थी, जिसमें केंद्र की नीतियों के खिलाफ मिलकर आवाज उठाने की रणनीति बनाई गई थी.


ये भी पढ़ें: TMC में इस्तीफों की सुनामी, सुखेंदु-सुष्मिता के बाद प्रकाश चिक बराइक ने छोड़ा साथ


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ती नजदीकियां विपक्ष को और मजबूती दे सकती हैं. माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक चुनौतियों और पार्टी के भीतर हुए बदलावों के बाद ममता बनर्जी विपक्षी एकजुटता को अधिक महत्व दे रही हैं. इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों में नरमी देखने को मिल रही है. ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की गर्मजोशी भरी मुलाकात को भी विपक्षी एकता की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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