देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को पिछले दस सालों में भारत में हुए बड़े बदलावों और विकास कार्यों की खुलकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में देश ने जिस रफ्तार से तरक्की की है, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. गरीबी कम करने से लेकर गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तक, सरकार की कई योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उपराष्ट्रपति के बयान को साझा करते हुए कहा कि ‘अमृतकाल’ के इस दौर में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं, युवाओं और किसानों को मिल रहा है.
उपराष्ट्रपति ने अपने लंबे ब्लॉग में कहा कि भारत अब सिर्फ विकासशील देश नहीं रह गया है, बल्कि दुनिया को दिशा दिखाने की ताकत भी रखता है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद, तिरुवल्लुवर और महाकवि सुब्रमण्यम भारती का जिक्र करते हुए लोगों से अपील की कि सभी मिलकर 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य में योगदान दें.
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सरकार के समावेशी विकास मॉडल का असर साफ दिखाई दे रहा है. उनके मुताबिक, पिछले वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. वहीं 12 करोड़ घरों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया है. उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का भी जिक्र किया और कहा कि इससे करोड़ों लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने का मौका मिला है.
उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की तारीफ करते हुए कहा कि आज भी 80 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है. वहीं आयुष्मान भारत योजना को उन्होंने “गेमचेंजर” बताया, जिसके जरिए करोड़ों गरीब परिवारों को इलाज की चिंता से राहत मिली है.
उपराष्ट्रपति ने महिलाओं के सशक्तिकरण को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि देश में 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं “लखपति दीदी” और “नमो ड्रोन दीदी” जैसी पहल से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनी हैं.
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वह देशभर में यात्रा के दौरान इन महिलाओं से मिलते हैं, तो उनके चेहरों पर आत्मविश्वास और उम्मीद साफ नजर आती है. उनका मानना है कि आने वाले समय में “नारी शक्ति” भारत की विकास यात्रा को नई ऊंचाई देगी.
राधाकृष्णन ने जम्मू-कश्मीर में बने चेनाब ब्रिज को नए भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और दूरदराज के इलाकों में तेजी से सड़कें और हाईवे बनना देश की बदलती तस्वीर दिखाता है. उनके मुताबिक, इन परियोजनाओं की लगातार निगरानी और तेजी से फैसले लेने की वजह से काम समय पर पूरा हो सका.
उन्होंने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति की भी सराहना की. उनका कहना था कि पहली बार नक्सल प्रभावित इलाकों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने की गंभीर कोशिश हुई है.
अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने लक्ष्य तय किया है कि आजादी के 100 साल पूरे होने तक यानी 2047 में देश दुनिया की अग्रणी ताकतों में शामिल हो. उन्होंने कहा कि यह समय सिर्फ सपने देखने का नहीं, बल्कि लगातार मेहनत करने का है.
ये भी पढ़ें: बदलेगा कर्नाटक का निजाम! सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार के 3 समीकरण, क्या कांग्रेस में लगेगी तीसरे की लॉटरी?
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
CBSE Board Exam 2027: CBSE बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 के लिए बिना लेट फीस LOC…
दशहरा 2026 की तारीख को लेकर असमंजस है, क्योंकि आश्विन शुक्ल दशमी तिथि 20 और…
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोमवार को मां सिद्धिदात्री को नमन करते…
Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana: यूपी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नियमों में बड़ा बदलाव…
इक्वाडोर के ग्वायाकिल शहर के परपेतुओ सोकोरो चर्च में प्रार्थना सभा के दौरान दीवार पर…
Who is Gangster Anil Pandit: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की…