Kashmiri Doctors Radical Module: भारत के धरोहर लाल किला के सामने कार में हुए बम धमाका मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने जिस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, अब उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. इस केस की जांच कर रहे सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार पिछले साल से ही यह मॉड्यूल किसी आत्मघाती हमलावर की तलाश में था. इस खतरनाक प्लान को मुख्यसाजिशकर्ता डॉ. उमर नबी लगातार आगे बढ़ा रहा था.
जांच अधिकारियों के अनुसार रविवार को दक्षिण कश्मीर के काजगुंड से एक आरोपी जसीर उर्फ दानिश को दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किया गया. जिससे पूछताछ में पता चला कि बम ब्लास्ट में मारा गया डॉ. उमर नबी घोर कट्टरपंथी था. उसे इस आतंकी साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए एक आत्मघाती हमलावर की तलाश थी. जब उसने अप्रैल में दानिश से पूछा तो दानिश ने इस्लाम में खुदकुशी को वर्जित करते हुए काम करने से इनकार कर दिया. जिसकी वजह से उमर की साजिश विफल हो गई.
लाल किला बम धमाका मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया दो दशक पहले आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को इस प्रकार के हमले करने के लिए प्राथमिकता दी जाती थी. लेकिन अब आतंकी संगठनों ने अपनी रणनीति बदल दी है. सुरक्षाबलों से बचने के लिए आतंकी संगठन उन युवाओं को ऐसे कामों के लिए शामिल कर रहे हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं हो.
व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल की जांच कर रहे सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में इस नए पैटर्न का पर्दाफाश हुआ है.
एक मीडिया हाउस ने जांच अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस मामले में डॉ. आदिल, उसके भाई डॉ. मुजफ्फर थारर और डॉ. मुजम्मिल जैसे आरोपियों की पहले किसी प्रकार की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता नहीं थी. इनका किसी भी अलगाववादी संगठन या आतंकी संगठनों से कोई पुराना संबंध नहीं था. इनका परिवार भी पूरी तरह बेदाग रहा है.
ये भी पढ़ें- ऐश्वर्या से लेकर रोहिणी तक, लालू परिवार पर कब-कब लगे हिंसा के आरोप?
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान पोषित ये आतंकी संगठन अब अपना पैटर्न बदल चुके हैं. अब वे उच्च शिक्षित उन युवाओं से ऐसे काम करा रहे हैं जिनका किसी भी प्रकार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.
गौरतलब है कि फरीदाबाद मॉड्यूल की अहम सदस्य डॉ. शाहीन आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी हुई थी. उसने इन घटनाओं को अंजाम तक पहुंचाने के लिए विदेशों से फंडिंग जुटाई और विदेशों में रहने वाले कश्मीरी मूल के डॉक्टरों से जुड़कर पैसों का बंदोबस्त किया. जिसमें उसका भाई डॉ. परवेज भी मदद कर रहा था. पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि वह पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों के डॉक्टरों से जुड़ी हुई थी और फंडिंग प्राप्त कर रही थी.
-भारत एक्सप्रेस
EK SHLOKI RAMAYAN ON VIJAYADASHAMI 2026: सनातन धर्म में विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व अधर्म…
SRIGANGANAGAR 75TH VIJAYADASHAMI FESTIVAL: राजस्थान के श्रीगंगानगर में विजयदशमी के अवसर पर 70 फीट ऊंचे…
प्रो. (डॉ.) शाहिद अख्त़र ने अल्पसंख्यक संस्थानों को 'सामाजिक प्रयोगशाला' बताया, डॉ. इंद्रेश कुमार ने…
देश के प्रमुख शेयर बाजारों (NSE और BSE) ने दिवाली के अवसर पर 8 नवंबर…
Hundred Years Young RSS Book: RSS के 100 वर्षों के सफर पर आधारित Hundred Years…
Noida Dussehra Traffic Advisory: दशहरा और मूर्ति विसर्जन कार्यक्रमों को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर…